EPFO मेंबर्स के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी सुविधा की घोषणा की है। अब यूएएन (UAN) जनरेट और एक्टिवेट करने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का उपयोग किया जा सकेगा। यानी, अब बिना किसी दस्तावेजी प्रक्रिया या बायोमेट्रिक मशीन के, कर्मचारी सिर्फ अपने चेहरे की पहचान से ईपीएफ (EPF) से जुड़ी कई सेवाओं का लाभ ले सकेंगे।
UMANG ऐप से होगी पूरी प्रक्रिया
केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को इस नई तकनीक का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अब आधार फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल कर UAN जारी करने और एक्टिवेट करने की डिजिटल सुविधा शुरू की है। इसके लिए कर्मचारी को केवल UMANG मोबाइल ऐप की जरूरत होगी। “यह सेवा पूरी तरह से कॉन्टैक्टलेस, सिक्योर और डिजिटल है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।” – मनसुख मंडाविया
कैसे जनरेट करें UAN फेस ऑथेंटिकेशन से?
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UMANG ऐप डाउनलोड करें और लॉग इन करें
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“EPFO” सर्विस सेक्शन में जाएं
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“UAN जनरेट करें” पर क्लिक करें
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फेस ऑथेंटिकेशन (FAT) का उपयोग करें
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आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त होगा
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आधार वेरिफिकेशन सफल होने पर UAN जनरेट हो जाएगा
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UAN कार्ड ऐप या पोर्टल से डाउनलोड किया जा सकता है
UAN एक्टिवेशन भी अब बेहद आसान
जिन कर्मचारियों के पास पहले से UAN है लेकिन वे एक्टिव नहीं कर पाए, वे भी अब UMANG ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन कर इसे एक्टिवेट कर सकते हैं।
यह नई तकनीक ओटीपी, बायोमेट्रिक मशीन या डेमोग्राफिक वेरिफिकेशन की तुलना में तेज और अधिक सुरक्षित है।
Bihar के 6 जिलों को मिली ESIC की सौगात
मंत्री मंडाविया ने बिहार के 6 जिलों – अररिया, सहरसा, औरंगाबाद, बांका, पूर्वी चंपारण और गोपालगंज – में ESIC के तहत पूर्ण अधिसूचना जारी करने की भी घोषणा की। इससे लगभग 24,000 अतिरिक्त बीमित व्यक्ति ESIC की सोशल सिक्योरिटी स्कीम के तहत आ जाएंगे।
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के लिए भी FAT का विस्तार
मंडाविया ने यह भी बताया कि भविष्य में EPFO पेंशनर्स को घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (Life Certificate) जारी करने की सुविधा भी दी जाएगी। इसके लिए MY भारत के वालंटियर्स के साथ मिलकर फेस ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया जाएगा।
निष्कर्ष: डिजिटलीकरण की ओर एक मजबूत कदम
यह फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा न केवल कर्मचारियों के लिए EPFO की सेवाएं अधिक सुलभ बनाएगी, बल्कि लंबे समय से चली आ रही प्रक्रिया आधारित समस्याओं को भी समाप्त करेगी। सरकार का यह प्रयास डिजिटल इंडिया अभियान को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







