मुरैना में दर्दनाक रेल हादसा: आग की अफवाह से मची भगदड़, पटरी पर कूदे यात्रियों को पातालकोट एक्सप्रेस ने रौंदा, 4 की मौत

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में रविवार को एक दर्दनाक रेल हादसा हो गया। हेतामपुर रेलवे स्टेशन के पास खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में आग लगने की अफवाह फैलने से यात्रियों में दहशत फैल गई। घबराए यात्रियों ने इमरजेंसी चेन खींचकर ट्रेन रुकवा दी और जान बचाने के लिए पटरी पर कूद गए। इसी दौरान समानांतर ट्रैक पर तेज रफ्तार से गुजर रही पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आने से चार यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

हेतामपुर स्टेशन के पास हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के अंतर्गत आने वाले हेतामपुर रेलवे स्टेशन के पास रविवार शाम करीब 4:15 बजे यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

आग लगने की अफवाह से फैली दहशत

रेलवे सूत्रों के मुताबिक, ट्रेन संख्या 19665 खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस अपने निर्धारित मार्ग पर चल रही थी। इसी दौरान जनरल कोच में किसी व्यक्ति ने आग लगने की अफवाह फैला दी। देखते ही देखते पूरे डिब्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यात्रियों ने घबराकर अलार्म चेन पुलिंग कर दी, जिससे ट्रेन अचानक रुक गई। ट्रेन रुकते ही कई यात्री बिना स्थिति की पुष्टि किए खिड़कियों और दरवाजों से नीचे उतर गए।

सुरक्षित समझकर दूसरे ट्रैक पर खड़े हो गए यात्री

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घबराए हुए यात्री ट्रेन से उतरकर बगल वाले मुख्य रेलवे ट्रैक पर चले गए। उन्हें अंदाजा नहीं था कि उसी ट्रैक पर दूसरी दिशा से एक तेज रफ्तार ट्रेन आने वाली है।इसी बीच ट्रेन संख्या 20424 फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस वहां से गुजर रही थी। अचानक ट्रैक पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला और तेज रफ्तार ट्रेन उन्हें अपनी चपेट में लेती हुई निकल गई।

चार लोगों की मौत, कई घायल

हादसे के बाद रेलवे ट्रैक पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों, रेलवे कर्मचारियों और बचाव दल ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। प्रशासन ने अब तक चार यात्रियों की मौत की पुष्टि की है। घायलों को एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार कुछ घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

रेलवे और प्रशासन ने शुरू की जांच

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल प्राथमिकता घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और रेल यातायात को सामान्य करना है। साथ ही यह जांच भी शुरू कर दी गई है कि आग लगने की अफवाह किसने और किन परिस्थितियों में फैलाई। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय रेलवे कर्मचारियों और सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।

अफवाह बनी हादसे की वजह

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रेन में वास्तविक रूप से आग लगने की कोई पुष्टि नहीं हुई थी। केवल अफवाह के कारण मची भगदड़ ने चार लोगों की जान ले ली और कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। यह हादसा एक बार फिर दिखाता है कि अफवाहें किस तरह बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं और आपात परिस्थितियों में संयम बनाए रखना कितना जरूरी है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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