राजस्थान के टोंक जिले से एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में अंतर्कलह और गुटबाजी की तस्वीर साफ दिखी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत के सामने ही बीजेपी के दो गुटों के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। मामला बढ़ता इससे पहले ही अन्य कार्यकर्ताओं और पुलिस की介 से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
स्वागत समारोह बना विवाद का केंद्र
बुधवार दोपहर, मंत्री अविनाश गहलोत टोंक की अग्रवाल धर्मशाला में एक स्वागत समारोह में पहुंचे थे। यहां बरवास मंडल अध्यक्ष जितेंद्र गुर्जर और मेहंदवास मंडल अध्यक्ष धर्मराज चौधरी ने मंत्री के सामने खुलकर शिकायत की कि मंडल स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए गए लेकिन उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। उन्होंने कहा, “ऐसे संगठन कैसे चलेगा जब मंडल अध्यक्षों को ही दरकिनार कर दिया जाए?”
जिलाध्यक्ष समर्थक कार्यकर्ता से झड़प
मंत्री गहलोत जब इस मुद्दे को बाद में देखने की बात कहकर आगे बढ़ने लगे, तभी बीजेपी जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान के समर्थक शैलेन्द्र चौधरी ने मंडल अध्यक्षों को मामला खत्म करने की सलाह दी। इस पर तेज बहस शुरू हो गई जो कुछ ही पलों में विवाद और गाली-गलौच तक पहुंच गया।
मौके पर पुलिस पहुंची, मामला शांत कराया
दोनों पक्षों में हाथापाई की नौबत तक आ गई थी, लेकिन उपस्थित अन्य कार्यकर्ताओं ने बीच-बचाव करते हुए स्थिति संभाली। कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराया गया।
संगठन पर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद एक बार फिर राजस्थान बीजेपी के संगठनात्मक ढांचे और अनुशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। टोंक जैसे महत्वपूर्ण जिले में मंत्री की मौजूदगी में इस तरह की गुटबाजी पार्टी की अंदरूनी स्थिति को लेकर गंभीर संकेत देती है।
News source Patrika
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







