टोंक। आखिरकार वह बहुप्रतीक्षित क्षण आ ही गया जिसका राजधानी जयपुर, अजमेर और टोंक सहित आसपास के जिलों के लाखों लोगों को बेसब्री से इंतजार था। गुरुवार शाम 5 बजे बीसलपुर डेम का गेट संख्या 10 एक मीटर तक खोल दिया गया। इसके साथ ही करीब 6,000 क्यूसेक पानी बनास नदी में छोड़ा जा रहा है। जैसे ही गेट खुला, डेम से अविरल जलधारा बह निकली, जिसे देखने के लिए हजारों लोग मौके पर पहुंचे।
पहली बार जुलाई में छलका डेम, लगातार दूसरे साल बना रिकॉर्ड
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बीसलपुर डेम पहली बार जुलाई महीने में छलका है, जो कि अपने आप में ऐतिहासिक है। इसके साथ ही लगातार दूसरे साल डेम के छलकने का रिकॉर्ड भी बना है। 2004 में निर्माण के बाद से यह 8वीं बार है जब बीसलपुर डेम ओवरफ्लो हुआ है।
गेट खोलने से पहले हुई पूजा-अर्चना
गेट खोलने से पहले देवली-उनियारा विधायक राजेंद्र गुर्जर और टोंक की जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने डेम पर बने स्काडा सिस्टम के कंट्रोल रूम में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद बटन दबाकर गेट खोला गया। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर राजमहल क्षेत्र के ग्रामीणों को पहले से सतर्क कर दिया था।
उत्साह में डूबे लोग, नाच-गाकर मनाई खुशी
गेट खुलते ही आसपास के गांवों के लोग बड़ी संख्या में बीसलपुर डेम पहुंचे और इस दृश्य को देखने का रोमांच उनके चेहरे पर साफ झलकता रहा। कई ग्रामीणों ने नाच-गाकर अपनी खुशी जाहिर की। राजमहल निवासी मनीष शर्मा ने बताया कि डेम छलकने से किसानों को खरीफ की फसलों के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे अच्छी पैदावार की उम्मीद है।
बीसलपुर डेम की छलकने की यात्रा
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2004: निर्माण के बाद पहली बार गेट खुले
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2006: दूसरी बार डेम छलका
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2014: तीसरी बार गेट खोले गए
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2016: चौथी बार डेम ओवरफ्लो
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2019: 17 गेट एक साथ खोले गए
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2022: छठी बार छलका डेम
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2024: सातवीं बार डेम छलका
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2025: आठवीं बार ओवरफ्लो, पहली बार जुलाई में
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने डेम के आसपास के गांवों और बनास नदी के किनारे बसे लोगों से अपील की है कि वे नदी के जल स्तर को देखते हुए सतर्क रहें और अनावश्यक रूप से पानी के करीब न जाएं। राजस्व और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
निष्कर्ष: बीसलपुर डेम का एक बार फिर छलकना जहां जल संसाधन प्रबंधन की सफलता का प्रमाण है, वहीं यह किसानों और आमजन के लिए राहत और खुशी की बड़ी खबर है। अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में मानसून की मेहरबानी से पानी की आपूर्ति और बेहतर होगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







