क्रिकेट की दुनिया में जैसे ही Steve Bucknor का नाम लिया जाता है, भारतीय फैंस के ज़हन में कई कड़वी यादें ताजा हो जाती हैं। खासकर वे पल, जब उनके फैसलों ने महान बल्लेबाज़ Sachin Tendulkar को गलत तरीके से पवेलियन लौटने पर मजबूर कर दिया था। अब करीब 22 साल बाद बकनर ने खुलकर स्वीकार किया है कि उन मुकाबलों में उनसे गंभीर गलतियां हुई थीं।
जब अंपायर बन गया था ‘विलेन’
2000 के दशक की शुरुआत में कई अहम मुकाबलों में बकनर के फैसले सचिन के खिलाफ गए। उस दौर में Decision Review System (DRS) लागू नहीं था, इसलिए मैदानी अंपायर का फैसला ही अंतिम माना जाता था। सचिन तेंदुलकर ने हमेशा खेल भावना का परिचय देते हुए बिना किसी बहस के मैदान छोड़ा, लेकिन भारतीय प्रशंसकों के लिए वे फैसले लंबे समय तक टीस बनकर रहे। हाल ही में एक इंटरव्यू में बकनर ने कहा कि उन गलत फैसलों का उन्हें आज भी मलाल है।
दो फैसले जो बन गए इतिहास
बकनर ने विशेष रूप से दो मैचों का जिक्र किया:
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ब्रिस्बेन टेस्ट, 2003 – ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा में खेले गए इस मैच में जेसन गिलेस्पी की गेंद पर सचिन को एलबीडब्ल्यू दे दिया गया। बाद में रिप्ले में साफ दिखा कि गेंद स्टंप्स के ऊपर से जा रही थी।
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ईडन गार्डन्स टेस्ट, 2005 – पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में अब्दुल रज्जाक की गेंद पर सचिन को कैच आउट दे दिया गया, जबकि गेंद बल्ले को छूती हुई नजर नहीं आई।
इन दोनों फैसलों ने उस समय भारी विवाद खड़ा कर दिया था।
बकनर का कबूलनामा
बकनर ने कहा, “मुझसे दो बड़ी गलतियां हुईं। एक बार गेंद स्टंप्स के ऊपर से जा रही थी और दूसरी बार गेंद ने बल्ले को छुआ तक नहीं था। जब आप इतने बड़े खिलाड़ी के खिलाफ गलत फैसला देते हैं, तो वह बात लंबे समय तक आपके दिमाग में रहती है।”
उनका यह बयान क्रिकेट जगत में फिर चर्चा का विषय बन गया है।
सचिन की महानता और खेल भावना
भले ही बकनर का यह स्वीकारोक्ति इतिहास को नहीं बदल सकती, लेकिन यह सचिन तेंदुलकर की महानता और संयम को जरूर दर्शाती है। उन्होंने कभी भी अंपायर के फैसलों पर सार्वजनिक रूप से तीखी प्रतिक्रिया नहीं दी। क्रिकेट में तकनीक के आने से अब गलत फैसलों की गुंजाइश कम हुई है, लेकिन उस दौर की ये घटनाएं आज भी खेल इतिहास का अहम हिस्सा हैं। बकनर का यह पछतावा इस बात की याद दिलाता है कि खेल में गलतियां हो सकती हैं, पर उनका असर कभी-कभी बहुत गहरा होता है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।






