8वां वेतन आयोग: 13 अप्रैल की बैठक पर टिकी लाखों कर्मचारियों की निगाहें, फिटमेंट फैक्टर पर मिल सकते हैं बड़े संकेत

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है। आगामी 13 अप्रैल 2026 को नेशनल काउंसिल (JCM) की ड्राफ्टिंग कमिटी की एक अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशों के लिए ‘आम मेमोरेंडम’ को अंतिम रूप दिया जाएगा, जो भविष्य में वेतन वृद्धि, भत्तों और पेंशन के ढांचे को तय करेगा।

जेपी चौबे मेमोरियल लाइब्रेरी में जुटेगा दिग्गज नेतृत्व

NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित एआईआरएफ (AIRF) कार्यालय परिसर की जेपी चौबे मेमोरियल लाइब्रेरी में आयोजित होगी। एनसी-जेसीएम के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने सभी सदस्य संगठनों को पत्र लिखकर इस बैठक की गंभीरता से अवगत कराया है। यह 12 मार्च को हुई पिछली चर्चा का अगला चरण है, जिसमें विभिन्न कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने अपने सुझाव साझा किए थे।

क्या हैं कर्मचारियों की मुख्य मांगें?

कर्मचारी संगठन सरकार पर कई मोर्चों पर दबाव बना रहे हैं:

  • फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor): वेतन वृद्धि का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर होता है। जहाँ सरकार द्वारा 2.5 से ऊपर का फैक्टर अपनाने का अनुमान है, वहीं कई संगठनों ने इसे 3.15 रखने की मांग की है।

  • DA मर्जर: फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशंस (FNPO) ने मांग की है कि वर्तमान 58% महंगाई भत्ते (DA) को बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाए।

  • एरियर (Arrears): संगठन चाहते हैं कि नए वेतनमान का लाभ और एरियर की गणना 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाए।

सरकार का रुख और समयसीमा

वित्त राज्य मंत्री (MoS Finance) पंकज चौधरी ने हाल ही में संसद में स्पष्ट किया था कि 8वां वेतन आयोग केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य लाभों पर विस्तृत सिफारिशें देगा। सरकार के अनुसार, आयोग को अपना काम पूरा करने के लिए नवंबर 2025 से 18 महीने का समय दिया गया है। इसका मतलब है कि आधिकारिक घोषणा और लागू होने की प्रक्रिया में अभी एक साल से अधिक का समय लग सकता है। 13 अप्रैल की बैठक यह दिशा तय करेगी कि कर्मचारी संगठनों का संयुक्त मांग पत्र (Memorandum) कितना मजबूत होगा। यदि फिटमेंट फैक्टर और DA मर्जर जैसी मांगों पर सहमति के संकेत मिलते हैं, तो यह लाखों कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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