राजस्थान में चर्चित नकली बीज प्रकरण में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में गिरफ्तार राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई समेत छह आरोपियों को सोमवार को बीकानेर स्थित एसीबी स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने सभी आरोपियों को पांच दिन के रिमांड पर भेज दिया।
एसीबी ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए जुगल किशोर विश्नोई सहित छह लोगों को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान निदेशक के घर से 1.59 करोड़ रुपए और उनके भांजे के कब्जे से 85 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। इस तरह अब तक कुल 2.44 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार किसानों और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में यह हाल के वर्षों की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
छह आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
एसीबी ने राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई को जयपुर के बी-2 बायपास स्थित अरावली अपार्टमेंट से गिरफ्तार किया था। वहीं गजराज ब्रांड के प्रोपराइटर किरण कापड़िया को टोंक रोड स्थित एक होटल से हिरासत में लिया गया। इसके अलावा गणपत विश्नोई को एमएलए क्वार्टर से पकड़ा गया। जांच टीम ने गणपत के फलौदी स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया, हालांकि वहां से कथित तौर पर तलाशे जा रहे 60 लाख रुपए बरामद नहीं हो सके। मामले में कथित दलाल सुनील सेतिया और सतपाल को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में स्वतंत्र विश्नोई को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
बस में भेजे जा रहे थे 90 लाख रुपए
एसीबी को सूचना मिली थी कि रिश्वत की राशि में से करीब 90 लाख रुपए जुगल किशोर विश्नोई अपने भांजे स्वतंत्र विश्नोई के माध्यम से श्रीगंगानगर भिजवा रहे हैं। सूचना के आधार पर टीम ने लूणकरणसर क्षेत्र में एक बस को रुकवाकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान स्वतंत्र विश्नोई के पास से 85 लाख रुपए नकद बरामद हुए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद जुगल किशोर के आवास पर छापेमारी कर 1.59 करोड़ रुपए की नकदी जब्त की गई।
कार्रवाई प्रभावित करने के आरोप
प्रारंभिक जांच में एसीबी को संकेत मिले हैं कि नकली बीज मामले में कार्रवाई को प्रभावित करने, प्रयोगशाला से नमूनों को पास करवाने और प्रतिबंधित बीजों की बिक्री दोबारा शुरू कराने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए थे। जांच एजेंसी इस बात की पड़ताल कर रही है कि कथित रिश्वत का नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ था और इस मामले में अन्य कौन-कौन शामिल हो सकते हैं।
हाल ही में हुई थी राजनीतिक नियुक्ति
जांच के घेरे में आए राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर विश्नोई की कुछ महीने पहले ही राजनीतिक नियुक्ति हुई थी। सूत्रों के अनुसार उनकी नियुक्ति एक पूर्व विधायक की सिफारिश पर की गई थी, जिनके साथ वे पहले भी कार्य कर चुके थे। अब एसीबी रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ कर नकदी के स्रोत, कथित रिश्वत तंत्र और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने का प्रयास करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि मामले में आरोपियों का पक्ष और अदालत में अंतिम निर्णय अभी आना बाकी है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।






