TMC में बगावत की आहट! बागी सांसदों की लोकसभा स्पीकर से मुलाकात पर सियासत गरम, अधीर रंजन ने BJP पर साधा निशाना

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर बढ़ती नाराजगी अब राष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई देने लगी है। पार्टी के कुछ असंतुष्ट सांसदों की लोकसभा स्पीकर से प्रस्तावित मुलाकात ने सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है। विपक्ष इसे भाजपा की रणनीति बता रहा है, जबकि टीएमसी के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद Adhir Ranjan Chowdhury ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकसभा में अपनी संख्या बढ़ाने और महत्वपूर्ण विधेयकों को आसानी से पारित कराने के लिए टीएमसी सांसदों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रही है।

टीएमसी के साथ भविष्य नहीं दिख रहा: अधीर रंजन

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि कुछ सांसदों को लगता है कि टीएमसी के टिकट पर अगला चुनाव जीतना आसान नहीं होगा। इसी वजह से वे भाजपा में शामिल होकर अपना राजनीतिक भविष्य सुरक्षित करना चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि ऐसे नेता अगले चुनाव तक भाजपा के लिए काम करेंगे ताकि उन्हें पार्टी का टिकट मिल सके।

टीएमसी में लंबे समय से चल रही है अंदरूनी कलह

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, टीएमसी के कई सांसद लंबे समय से पार्टी नेतृत्व और कार्यशैली से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। कुछ नेताओं ने सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर की है, जबकि कुछ चुपचाप अन्य राजनीतिक विकल्पों पर नजर बनाए हुए हैं। लोकसभा स्पीकर से मुलाकात की खबरों को इसी असंतोष से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि सांसद अपनी शिकायतों को औपचारिक रूप से रखने या पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने की तैयारी कर सकते हैं।

2026 चुनाव से पहले भाजपा-टीएमसी में बढ़ी राजनीतिक जंग

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच मुकाबला 2026 के विधानसभा चुनावों को लेकर पहले से अधिक तीखा हो गया है। दोनों दल अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं और ऐसे में नेताओं का एक दल से दूसरे दल में जाना सियासी समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि भाजपा की रणनीति विपक्षी दलों को कमजोर करने की है। उनके अनुसार, यदि टीएमसी के कुछ सांसद भाजपा का दामन थामते हैं तो संसद में विपक्ष की ताकत कमजोर पड़ सकती है, जिसका सीधा फायदा सत्तारूढ़ दल को मिलेगा।

टीएमसी की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक All India Trinamool Congress की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कुछ सांसद केवल अपनी व्यक्तिगत शिकायतों और मुद्दों को स्पीकर के समक्ष रखने जा रहे हैं। वहीं विपक्ष इसे बड़े राजनीतिक घटनाक्रम और संभावित दल-बदल की भूमिका के रूप में देख रहा है। बंगाल की राजनीति में इस घटनाक्रम ने नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। अब सभी की निगाहें बागी सांसदों की लोकसभा स्पीकर से होने वाली मुलाकात और उसके बाद सामने आने वाले राजनीतिक संकेतों पर टिकी हैं।:

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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