अजमेर। हाई सिक्योरिटी जेल में दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के बाद जेल प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। घटना के तीसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा करते हुए हार्डकोर बंदियों के ब्लॉक और सेल का पुनर्गठन किया गया। वहीं हत्या के आरोपी विष्णु सिंह की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है। जांच के दौरान जगन गुर्जर की स्वास्थ्य स्थिति और उसे दी जा रही दवाओं से जुड़े नए तथ्य भी सामने आए हैं।
हार्डकोर बंदियों की हुई व्यापक समीक्षा
जेल अधीक्षक पारसमल जांगिड़ के निर्देशन में बुधवार को हाई सिक्योरिटी जेल के चार वार्डों और 16 ब्लॉकों में बंद 91 हार्डकोर कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने प्रत्येक बंदी के साथ रहने वाले कैदियों, उनके आपसी व्यवहार और साथ रहने की अवधि का आकलन किया। समीक्षा के बाद कई हार्डकोर बंदियों की सेल और ब्लॉक बदल दिए गए, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की संभावना को कम किया जा सके। जेल में हार्डकोर कैदियों के अलावा 14 सामान्य बंदी भी हैं, जिन्हें भोजन व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए अजमेर सेंट्रल जेल से तीन-तीन महीने की प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है।
ऐसी है हाई सिक्योरिटी जेल की दिनचर्या
जानकारी के अनुसार, हाई सिक्योरिटी जेल में कैदियों को सूर्योदय से सुबह 11 बजे तक सेल से बाहर रखा जाता है, ताकि वे अपनी दैनिक गतिविधियां पूरी कर सकें। इसके बाद सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उन्हें सेल में रखा जाता है। दोपहर 3 बजे से सूर्यास्त तक फिर ब्लॉक में रहने की अनुमति होती है और सूर्यास्त के बाद सभी बंदियों को उनकी-उनकी सेल में बंद कर दिया जाता है। जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने का प्रयास करेंगी कि घटना वाले दिन आरोपी विष्णु सिंह अपनी इच्छा से जगन गुर्जर के पास गया था या उसे बुलाया गया था। इस संबंध में पुलिस प्रोडक्शन रिमांड के दौरान उससे पूछताछ करेगी।
मधुमेह और घुटने के दर्द से पीड़ित था जगन
जेल प्रशासन के अनुसार जांच में सामने आया है कि जगन गुर्जर मधुमेह (डायबिटीज) का मरीज था। इसके अलावा उसके घुटनों के दर्द का भी उपचार चल रहा था। चिकित्सकों ने उसे इंसुलिन, दर्द निवारक दवाओं के साथ आराम के लिए नींद की दवा भी लिखी थी। हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान जगन गुर्जर के पुत्र आशाराम ने आरोप लगाया था कि उनके पिता को जबरन नींद की गोली देकर हत्या की गई। फिलहाल इस दावे की पुष्टि नहीं हुई है और यह जांच का विषय बना हुआ है।
आरोपी विष्णु को नई सेल में किया शिफ्ट
घटना के बाद जेल प्रशासन ने हत्या के आरोपी विष्णु सिंह को भी सुरक्षा कारणों से दूसरे ब्लॉक और नई सेल में स्थानांतरित कर दिया है। फिलहाल उसे अन्य हार्डकोर बंदियों की सामान्य आवाजाही से अलग रखा गया है और उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है। जेल प्रशासन के अनुसार हाई सिक्योरिटी जेल में बंद हार्डकोर कैदियों को नाश्ता, चाय, भोजन और दवाइयां सीधे उनके ब्लॉक में उपलब्ध कराई जाती हैं। केवल चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर ही उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जेल की डिस्पेंसरी ले जाया जाता है।
जांच जारी, सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
जेल प्रशासन का कहना है कि जगन गुर्जर हत्याकांड के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है। कैदियों के ब्लॉक और सेल में बदलाव, आरोपी की सुरक्षा बढ़ाने तथा निगरानी प्रणाली को सख्त करने जैसे कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से उठाए गए हैं। वहीं पुलिस और जेल प्रशासन मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहे
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







