जयपुर। दस्यु जगन गुर्जर हत्याकांड के मुख्य आरोपी विष्णु अजान का नाम सामने आने के बाद उसके गांव अजान में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि छोटे-मोटे अपराधों से शुरू हुआ उसका आपराधिक सफर धीरे-धीरे गैंग की दुनिया तक पहुंच गया। अब पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की हत्या के बाद गांव के लोगों में किसी संभावित हमले या प्रतिशोध की आशंका को लेकर चिंता बनी हुई है।
महंगे शौक और गलत संगत ने बदली जिंदगी
ग्रामीणों के मुताबिक, विष्णु अजान को महंगे शौक और नशे की लत ने अपराध की राह पर धकेल दिया। शुरुआत में वह छोटे स्तर के अपराधों में शामिल रहता था, लेकिन समय के साथ उसका संपर्क बड़े अपराधियों से बढ़ता गया। बताया जाता है कि वर्ष 2023 में कई मामलों में गिरफ्तारी के बाद उसे सेवर जेल भेजा गया था। वहीं उसकी मुलाकात कृपाल गैंग के सदस्यों से हुई। जेल से रिहा होने के बाद उसका गैंग से जुड़ाव और मजबूत हो गया और वह गैंग की गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने लगा।
भैंस चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर
ग्रामीणों का दावा है कि विष्णु अजान मूल रूप से अजान गांव का रहने वाला है, जो पहले भरतपुर जिले में आता था और वर्तमान में डीग जिले के उद्योगनगर थाना क्षेत्र का हिस्सा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, शुरुआत में वह गांव के पोखर के पास बंधी भैंसों को खोलकर ले जाता था और उन्हें कबाड़ या अन्य माध्यमों से बेच देता था। इससे मिलने वाले पैसों से वह नशे की आदत पूरी करता था। इन घटनाओं को लेकर कई बार ग्रामीणों ने उसकी पिटाई भी की थी। बाद में उसने गांव से बाहर निकलकर बाइक चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों में हाथ आजमाना शुरू कर दिया।
गांव में पसरा सन्नाटा, ग्रामीणों में हमले का डर
घटना के बाद अजान गांव में असामान्य सन्नाटा देखने को मिला। गांव के चौपालों और तिबारों में लोग पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते नजर आए। ग्रामीणों का कहना है कि जगन गुर्जर जैसे चर्चित पूर्व दस्यु की हत्या के बाद उन्हें किसी प्रतिशोधात्मक हमले की आशंका सता रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि एहतियात के तौर पर गांव में सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि, किसी संभावित हमले को लेकर अब तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
ऐतिहासिक गांव, लेकिन अब अपराध की वजह से चर्चा में
वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार अजान गांव की आबादी 7,240 है, जिसमें 3,836 पुरुष और 3,404 महिलाएं शामिल हैं। गांव में कुल 1,187 परिवार रहते हैं और साक्षरता दर 72.51 प्रतिशत है। लगभग 1,428.6 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह गांव अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद यह अपराध और सुरक्षा संबंधी चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
जांच जारी
फिलहाल जगन गुर्जर हत्याकांड की जांच जारी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही है। वहीं विष्णु अजान के आपराधिक नेटवर्क, उसके गैंग से संबंध और घटना की पृष्ठभूमि को लेकर भी जांच एजेंसियां जानकारी जुटा रही हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







