दिल्ली स्थित जवाहर भवन में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर ‘हरा-भरा स्वराज: राजीव गांधी के विजन को श्रद्धांजलि’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने देश के मौजूदा हालात, शिक्षा व्यवस्था और ‘स्वराज’ की अवधारणा पर बात करते हुए विचारधारा की लड़ाई को रेखांकित किया।
“आरएसएस के साथ मेरी यही समस्या है”
राहुल गांधी ने संघ की सोच पर सवाल उठाते हुए कहा कि आरएसएस ने यह मान लिया है कि वह देश के सभी नागरिकों की सच्चाई जानता है। “आरएसएस को लेकर मेरी यही समस्या है। आरएसएस ने यह तय कर लिया है कि वे 140 करोड़ (1.5 अरब) लोगों की सच्चाई जानते हैं। मैं कहता हूं कि नहीं, सिर्फ 140 करोड़ लोग ही अपनी-अपनी सच्चाई जानते हैं। मैं भी आपकी सच्चाई नहीं जान सकता। अगर मैं यह मानने लगूं कि मैं आपकी सच्चाई जानता हूं, तो मैं पागल हूं। क्योंकि मैं आप नहीं हूं। मैंने वह नहीं झेला है, जो आपने झेला है; मैंने वह नहीं देखा है, जो आपने देखा है।” राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की पुस्तक ‘माई एक्सपेरिमेंट्स विथ ट्रुथ’ का जिक्र करते हुए कहा कि हर व्यक्ति के सत्य के प्रयोग अलग-अलग होते हैं और किसी को दूसरों पर अपनी सोच थोपने का अधिकार नहीं है।
RSS और BJP की नीतियों पर बोला हमला
बीजेपी और आरएसएस पर देश के अलग-अलग वर्गों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस नेता ने कहा:
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अल्पसंख्यक (17%): राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी ने देश के मुसलमानों, ईसाइयों और सिखों से एक तरह से कह दिया है कि आपका कोई अस्तित्व नहीं है और अगर आवाज उठाई तो परिणाम भुगतने होंगे।
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आदिवासी (10%): आदिवासियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनसे कहा जाता है कि जब चाहेंगे उनकी जमीनें ले ली जाएंगी और विरोध करने पर कठोर कार्रवाई होगी।
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दलित (15%): उन्होंने कहा कि दलितों से कहा जा रहा है कि वे बेवजह शिकायत कर रहे हैं और जाति व्यवस्था में कोई समस्या नहीं है।
उन्होंने कहा कि इस तरह से देश के अलग-अलग वर्गों के साथ गलत किया जा रहा है और इस व्यवस्था को बदला जाना बेहद जरूरी है।
‘देश में आज सोच और सम्मान की लड़ाई’
राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में मुख्य लड़ाई पर्यावरण या सिर्फ बुनियादी जरूरतों की नहीं, बल्कि सोच और विचारधारा की है। सिस्टम पर कब्जा जमाए कुछ लोग हर नागरिक पर अपनी सोच थोप रहे हैं और छात्रों पर लगातार हमले हो रहे हैं। छात्रों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “अगर कोई छात्र मेरे पास आता है, तो मुझे विश्वास है कि वह अपना सच मुझसे बेहतर जानता है। मेरा काम उसकी बात सुनना, उसका सम्मान करना और उसे समझना है। यही वह राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई है जिसे हम लड़ रहे हैं।”
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








