जयपुर: राजधानी जयपुर के सांगानेर सदर थाना क्षेत्र के गोविंदपुरा इलाके में कत्ल का एक खौफनाक मामला सामने आया है। जहां एक बेटे ने मामूली पारिवारिक विवाद और पिता की शराब पीने की लत से परेशान होकर कुल्हाड़ी से वार कर उनकी हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बेटे ने पूरे 24 घंटे तक पिता के शव को घर के भीतर ही छिपाकर रखा। हालांकि, शव को ठिकाने लगाने की कोशिश में एक टैक्सी ड्राइवर की सजगता के कारण यह सनसनीखेज मामला उजागर हो गया। पुलिस ने आरोपी बेटे और मौके पर मौजूद मां को हिरासत में ले लिया है।
शराब के नशे में विवाद के बाद कुल्हाड़ी से किया हमला
चाकसू के एसीपी भवानी सिंह और डीसीपी (साउथ) राजर्षिराज वर्मा के अनुसार, मृतक की पहचान मूल रूप से टोंक जिले के टोडारायसिंह निवासी 75 वर्षीय जगदीश के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी सजनी और छोटे बेटे सवाई राम जाट (45) के साथ सांगानेर सदर के गोविंदपुरा में रह रहे थे। पूछताछ के दौरान आरोपी सवाई राम जाट ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसके पिता आए दिन शराब पीकर घर में कलेश और झगड़ा करते थे। 18 अगस्त की रात को भी दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई, जो इतनी बढ़ गई कि गुस्से में आकर सवाई राम ने कुल्हाड़ी से पिता के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घर में छिपाया शव, ठिकाने लगाने की योजना रही असफल
हत्या के बाद आरोपी ने शव को तुरंत ठिकाने लगाने की जगह न मिलने पर उसे घर में ही छिपा दिया। जब दिनभर में लाश को ठिकाने लगाने का कोई रास्ता नहीं दिखा, तो आरोपी ने पिता का अंतिम संस्कार करने के बहाने शव को अपने पैतृक गांव टोडारायसिंह (टोंक) ले जाने की योजना बनाई। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे उसने गांव जाने के लिए एक टैक्सी बुलाई और ड्राइवर को बताया कि पिता का देहांत हो गया है तथा शव को गांव ले जाना है।
टैक्सी ड्राइवर की मुस्तैदी से पकड़ा गया आरोपी
जब टैक्सी ड्राइवर गाड़ी लेकर मकान के पास पहुंचा, तो उसे तेज बदबू आई और सवाई राम की हरकतों पर शक हुआ। संदिग्ध स्थिति भांपकर चालक ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही सांगानेर सदर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले आरोपी शव को पास ही स्थित एक खाली प्लॉट में फेंकने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से आरोपी सवाई राम और उसकी मां सजनी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है।
बहू की हत्या के मामले में पहले भी जेल जा चुका है पूरा परिवार
पुलिस जांच में इस परिवार से जुड़ी एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, साल 2024 में जगदीश, उसकी पत्नी सजनी और उनके दोनों बेटों पर बहू की हत्या (दहेज हत्या) का गंभीर आरोप लगा था, जिसके चलते चारों जेल गए थे। इस मामले में जगदीश का बड़ा बेटा अभी भी जेल में बंद है, जबकि जगदीश, उसकी पत्नी और छोटा बेटा सवाई राम करीब चार महीने पहले ही जमानत पर जेल से बाहर आए थे। पुलिस फिलहाल हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर मामले की हर पहलू से गहन जांच कर रही है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








