सवाई माधोपुर में फिर मेहरबान हुआ मानसून, 48 घंटे में 150 MM बारिश; नदी-नाले उफने, स्कूल बंद

सवाई माधोपुर। जिले में मानसून एक बार फिर जमकर बरसा है। गुरुवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर शनिवार देर शाम तक जारी रहा। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों और जलस्रोतों में पानी की आवक तेजी से बढ़ गई। कई रपटों पर तेज बहाव के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जबकि सवाई माधोपुर-करौली मार्ग पर भी आवागमन बाधित रहा। भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूलों में अवकाश घोषित किया। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की छुट्टी रही।

मलारना डूंगर में 48 घंटे में 150 MM बारिश

मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र में करीब 48 घंटे से रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी है। उपखंड मुख्यालय पर करीब 150 मिलीमीटर यानी लगभग छह इंच बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के कारण एसडीएम और तहसील कार्यालय परिसर में पानी भर गया। परिसर में चारों तरफ पानी जमा होने से यह क्षेत्र टापू जैसा नजर आया।

सवाई माधोपुर-करौली मार्ग पर आवागमन प्रभावित

बारिश के बाद मोरेल नदी में पानी की आवक तेज हो गई है, जबकि बनास नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। भूरी पहाड़ी स्थित बनास नदी की रपट के ऊपर से पानी बहने लगा, जिसके चलते सवाई माधोपुर-करौली मार्ग पर संपर्क प्रभावित हुआ। जिले की कई अन्य रपटों पर भी पानी का तेज बहाव देखने को मिला। शेरपुर-झरेटी रपट पर पानी का बहाव बढ़ने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। इस दौरान एक बाइक सवार रपट पार करने की कोशिश में तेज बहाव की चपेट में आ गया और बाइक समेत बहने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

लटिया नाला और झरनों में बढ़ा पानी

जिला मुख्यालय पर लटिया नाला भी उफान पर आ गया। वहीं रणथम्भौर क्षेत्र के अमरेश्वर महादेव और सीता माता मंदिर के झरनों में पानी की आवक बढ़ गई। कुशालीदर्रा गेट से भी तेज गति से पानी बहता नजर आया। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, रपटों, झरनों और अन्य तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।

मानसरोवर बांध छलका, पानी की चली चादर

छाण क्षेत्र में दो दिन से हो रही बारिश के बाद 31 फीट भराव क्षमता वाला मानसरोवर बांध लबालब हो गया। शनिवार को बांध पर करीब दो से तीन इंच पानी की चादर चलने लगी। बांध के छलकने से आसपास के ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। किसानों को सिंचाई और पशुओं के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।

भारी बारिश के चलते स्कूलों में अवकाश

भारी बारिश और अगले 24 घंटे में तेज बारिश की चेतावनी को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर शनिवार को जिले के सभी राजकीय और निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों का अवकाश घोषित किया। हालांकि शिक्षक और अन्य स्टाफ विद्यालयों में नियमित रूप से उपस्थित रहे। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की छुट्टी रही। प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को नदी-नालों, रपटों, झरनों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें।

रणथम्भौर में त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग बंद

तेज जल बहाव को देखते हुए रणथम्भौर स्थित त्रिनेत्र गणेश मंदिर का मार्ग फिलहाल श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया गया है। वन विभाग के अनुसार आड़ा बालाजी सहित कई स्थानों पर पानी का बहाव तेज है। सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं का प्रवेश रोक दिया गया है। बहाव कम होने और स्थिति सामान्य होने के बाद मार्ग खोलने का निर्णय लिया जाएगा।

खण्डार में कच्चा मकान ढहा

खण्डार कस्बे के मीणा मोहल्ले में शनिवार को बारिश के दौरान एक कच्चा मकान ढह गया। मलबे में घरेलू सामान दबकर क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर से बाहर होने के कारण जनहानि टल गई। प्रशासन ने पटवारी से सर्वे करवाकर नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

वजीरपुर में जगह-जगह जलभराव

वजीरपुर क्षेत्र में लगातार दूसरे दिन बारिश जारी रही। जगह-जगह पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ। नदियां, नाले और तलैया उफान पर हैं। किसानों ने तिल्ली की फसल को नुकसान की आशंका जताई है। नॉलेज चौक के पास मुख्य नाले की सफाई नहीं होने के कारण पानी सड़क पर बहने लगा। स्थानीय लोगों ने जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।

हर बारिश में खण्डार में बनती है जलभराव की स्थिति

खण्डार कस्बे के कई मोहल्लों में बारिश के दौरान तेज पानी का बहाव लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है। मुस्लिम मोहल्ले से रामलीला मैदान, गोविंदा के कुएं, तिवारी मोहल्ला और नृसिंह मंदिर कुंड क्षेत्र में पानी का बहाव बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी जल निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में ऐसी स्थिति दोहराती है। लोगों ने संवेदनशील इलाकों का सर्वे करवाकर स्थायी जल निकासी और सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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