अशोक गहलोत ने भजनलाल सरकार बोला तीखा हमला, बोले राजस्थान में आपात जैसी स्थिती

राजस्थान में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच अब पेयजल संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने Bhajan Lal Sharma सरकार पर बड़ा हमला बोला है। गहलोत ने जोधपुर में गहराते जल संकट को सरकारी कुप्रबंधन का परिणाम बताते हुए कहा कि करीब 20 लाख लोग पानी की भारी कमी का सामना कर रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि जोधपुर शहर को पानी सप्लाई करने वाले प्रमुख जलाशय कायलाना और तख्तसागर बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच चुके हैं।

‘सिर्फ दो दिन का पानी बचा’

गहलोत ने दावा किया कि कायलाना और तख्तसागर बांधों में अब केवल दो दिनों की जरूरत के बराबर पानी बचा है। उन्होंने कहा कि शहर के कई इलाकों में पिछले कई दिनों से पानी की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टैंकर माफिया इस संकट का फायदा उठाकर लोगों से मनमानी कीमत वसूल रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

जलदाय विभाग पर उठाए सवाल

Ashok Gehlot ने जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते उचित जल प्रबंधन किया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते। गहलोत ने पूछा, “जलदाय विभाग अब तक क्या कर रहा था? क्या यह पूरी तरह पूर्व तैयारी की कमी और प्रशासनिक विफलता नहीं है? जनता को भीषण गर्मी में प्यासा छोड़ देना अमानवीय है।”

भाजपा सांसद और विधायकों को भी घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री ने केवल राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि जोधपुर के भाजपा सांसद और स्थानीय विधायकों को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को तुरंत मुख्यमंत्री और संबंधित विभागों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि जरूरत पड़ने पर इमरजेंसी वॉटर सप्लाई या ट्रेन के जरिए पानी पहुंचाने जैसे कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को राहत मिल सके।

क्यों गहराया जल संकट?

विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी राजस्थान में इस साल प्री-मानसून गतिविधियां कमजोर रही हैं। इसके अलावा Indira Gandhi Canal Project की नहर बंदी के दौरान पर्याप्त बैकअप जल भंडारण नहीं किया जा सका। लगातार 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जा रहे तापमान के कारण जलाशयों में पानी का तेजी से वाष्पीकरण भी हुआ है, जिससे संकट और गहरा गया।

सरकार पर बढ़ा दबाव

जोधपुर राजस्थान की राजनीति का अहम केंद्र माना जाता है। ऐसे में पानी संकट को लेकर उठे सवालों ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार इस मामले में क्या आपात कदम उठाती है और लोगों को राहत देने के लिए कौन सी नई योजना सामने लाती है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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