जंतर-मंतर से CJP प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने फिर हटाया, नड्डा के साथ बैठक को बताया ‘बेकार

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मंगलवार को राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर विरोध मार्च निकाला। कांग्रेस का यह प्रदर्शन सोमवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में था। प्रदर्शन में प्रियंका गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, चरणजीत सिंह चन्नी, के. सुरेश, विनोद जाखड़ समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सांसद शामिल हुए।

प्रधानमंत्री आवास के बाहर सुरक्षा कारणों से प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के चलते दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हटाने की कार्रवाई की। इस दौरान पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी सहित कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।

हिरासत में लिए जाने के बाद चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है और विरोध करने वालों के साथ सख्ती बरती जा रही है। वहीं कांग्रेस सांसद के. सुरेश ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं के साथ पुलिस ने कठोर व्यवहार किया। उनका कहना था कि पार्टी छात्रों के साथ हुई कार्रवाई के खिलाफ प्रधानमंत्री से जवाब मांगने पहुंची थी, लेकिन सरकार इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। पार्टी का आरोप है कि छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है और सरकार इस पूरे मामले में जवाबदेही से बच रही है।

राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों पर हुई कथित बर्बर कार्रवाई का जवाब मांगने के लिए प्रधानमंत्री आवास तक मार्च कर रही है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार न तो इस घटना की जिम्मेदारी लेना चाहती है और न ही संसद में इस विषय पर चर्चा कराने को तैयार है।

राहुल गांधी ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष छात्रों से जुड़े मुद्दे पर चर्चा चाहता था, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ने सरकार की अनुमति का हवाला दिया। राहुल के अनुसार, यदि संसद में बहस कराने के लिए भी सरकार की मंजूरी जरूरी हो, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल, कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राजधानी की राजनीति गर्मा गई है। विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि इस पूरे घटनाक्रम पर सरकार की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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