जयपुर। राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने चुनावी तैयारियों को धार देते हुए अपनी संगठनात्मक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राज्य की सभी 200 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव समन्वयकों की नियुक्ति की है। पार्टी ने 200 वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें जमीनी स्तर पर सक्रिय होने के निर्देश दिए हैं। इन नेताओं का मुख्य काम स्थानीय कार्यकर्ताओं से संवाद, संभावित दावेदारों की जानकारी जुटाना और निकाय चुनाव के लिए मजबूत प्रत्याशियों की पहचान करना होगा।
जिताऊ प्रत्याशियों की तलाश पर फोकस
कांग्रेस का पूरा फोकस इस बार नगर निकाय चुनाव में ऐसे उम्मीदवारों के चयन पर है, जिनकी स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ हो और वे चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों। पार्टी संगठन के जरिए संभावित प्रत्याशियों को लेकर जमीनी फीडबैक जुटाएगी। चुनाव समन्वयक स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें कर क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति, दावेदारों की स्थिति और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल की जानकारी प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचाएंगे।
24 से 26 अगस्त तक तीन दिवसीय प्रवास
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के निर्देश के अनुसार जिला प्रभारी, सह-प्रभारी और विधानसभा चुनाव समन्वयक 24, 25 और 26 अगस्त को अपने-अपने जिलों और विधानसभा क्षेत्रों में तीन दिवसीय प्रवास करेंगे। जिला मुख्यालयों पर होने वाली बैठकों की अध्यक्षता संबंधित जिलाध्यक्ष करेंगे। इन बैठकों में जिला प्रभारी और प्रमुख कांग्रेस नेता भी शामिल होंगे। वहीं, विधानसभा क्षेत्रों के ब्लॉक स्तर पर होने वाली बैठकों की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष करेंगे। यहां चुनाव समन्वयक स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर निकाय चुनाव की तैयारियों का जायजा लेंगे।
दावेदारों और कार्यकर्ताओं से करेंगे सीधा संवाद
जिला प्रभारी और चुनाव समन्वयक संयुक्त रूप से स्थानीय कार्यकर्ताओं और चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों से बातचीत करेंगे। कांग्रेस नेतृत्व का प्रयास है कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में स्थानीय फीडबैक को अधिक महत्व दिया जाए और संभावित विवादों को समय रहते दूर किया जा सके। पार्टी की ओर से समन्वयकों को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। तीन दिवसीय प्रवास और बैठकों के बाद सभी जिला प्रभारियों और विधानसभा चुनाव समन्वयकों को 27 अगस्त 2026 तक अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के जयपुर मुख्यालय में जमा करनी होगी। इस रिपोर्ट में स्थानीय निकाय चुनाव के लिए संभावित प्रत्याशियों, संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल और चुनावी माहौल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी।
गुटबाजी रोकने की भी कोशिश
कांग्रेस का यह संगठनात्मक अभियान केवल प्रत्याशी चयन तक सीमित नहीं माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश स्थानीय स्तर पर गुटबाजी को नियंत्रित करने और चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की भी है। 200 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव समन्वयकों की नियुक्ति के बाद अब कांग्रेस का अगला फोकस जमीनी फीडबैक के आधार पर मजबूत उम्मीदवारों का चयन और निकाय चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप देना है। 2-2_merged
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







