धौलपुर में पसरा मातम: एक ही दिन उठीं 6 अर्थियां, चंबल किनारे एक साथ जलीं चिताएं; सहम उठा पूरा शहर

धौलपुर: राजस्थान का धौलपुर शहर बुधवार को एक ऐसी दर्दनाक त्रासदी का गवाह बना, जिसने हर किसी की आत्मा को झकझोर कर रख दिया। दो अलग-अलग सड़क हादसों में जान गंवाने वाले एक ही शहर के 6 लोगों का जब चंबल नदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया, तो वहां मौजूद हर आंख छलक उठी। परिजनों के करुण क्रंदन और चंबल किनारे एक के बाद एक जलती चिताओं ने पूरे शहर को गहरे शोक में डुबो दिया। इन हादसों की दोहरी मार से एक ओर जहां हंसता-खेलता परिवार इस कदर उजड़ गया कि घर में कोई महिला ही नहीं बची, वहीं दूसरी ओर एक व्यापारी परिवार के तीन चिराग बुझ गए।

हादसा 1: महाकाल के दर्शन करने जा रहा त्रिवेदी परिवार उजड़ा

पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र के रहने वाले कपड़ा व्यवसायी सुनील त्रिवेदी का परिवार मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर दर्शन के लिए निकला था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि भक्ति और आस्था से भरी यह यात्रा कभी न खत्म होने वाले मातम में बदल जाएगी। रास्ते में उनकी कार एक खड़े डंपर से टकरा गई। इस भीषण दुर्घटना में सुनील त्रिवेदी की पत्नी सोमा (65), बेटा अंकुर (42) और बहू अर्चना (40) की मौके पर ही मौत हो गई। देर रात जब तीनों के पार्थिव शरीर धौलपुर पहुंचे, तो पूरे मोहल्ले में मातम छा गया। बुधवार सुबह जब घर से एक साथ तीन अर्थियां निकलीं, तो सांत्वना देने पहुंचे लोगों का कलेजा कांप उठा। भावुक क्षण: मुक्तिधाम में सुनील त्रिवेदी ने भारी मन से अपनी जीवनसंगिनी सोमा देवी को मुखाग्नि दी। वहीं, छोटे बेटे रत्नेश ने अपने मासूम भतीजे अंश को साथ लेकर बड़े भाई अंकुर और भाभी अर्चना का अंतिम संस्कार किया। बचा केवल सन्नाटा: इस हादसे में परिवार की दोनों बहुएं अब इस दुनिया में नहीं रहीं। घर में अब केवल सुनील त्रिवेदी, उनके छोटे बेटे रत्नेश और दो मासूम पोते (अंश व तेजस) ही रह गए हैं।

हादसा 2: पदमपुरा से लौट रहे जैन परिवार के 3 लोगों की मौत

दूसरी दुखद घटना धौलपुर-भरतपुर हाईवे पर हुई, जब जयपुर के पदमपुरा स्थित श्रीजी के दर्शन कर लौट रहे जैन परिवार की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सरिया व्यवसायी राजकुमार जैन, उनके भतीजे व तेल व्यवसायी विजय जैन और विजय जैन के 15 वर्षीय बेटे आदी जैन की दर्दनाक मौत हो गई। जब तीनों के शव धौलपुर स्थित निवास पहुंचे, तो चीख-पुकार मच गई। चंबल मुक्तिधाम में जब एक साथ जैन परिवार की तीन अर्थियां पहुंचीं, तो पूरा शहर अंतिम विदाई देने उमड़ पड़ा। कांपते हाथों से दी मुखाग्नि: मुक्तिधाम में सबसे विचलित करने वाला क्षण तब आया जब राजकुमार जैन को उनके बेटे मयंक ने कांपते हाथों से मुखाग्नि दी। वहीं विजय जैन और उनके मासूम बेटे आदी जैन का अंतिम संस्कार विजय के बड़े बेटे ने किया।

29 साल पुराना जख्म हुआ हरा, शोक में बाजार बंद

इस भयावह घटनाक्रम ने धौलपुर निवासियों को 12 अक्टूबर 1997 के उस काले दिन की याद दिला दी, जब जयपुर के पास एक हादसे में हनुमान तिराहा निवासी तिवारी परिवार के 6 लोगों की एक साथ मौत हो गई थी। 29 साल बाद फिर वही मंजर देखकर शहर सिहर उठा।हादसे की खबर मिलते ही पुरानी सब्जी मंडी क्षेत्र के व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वतः ही बंद रखीं। पूरे मंडी क्षेत्र में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा और लोग इस भीषण त्रासदी से स्तब्ध नजर आए।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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