अंता उपचुनाव: निर्दलीय नरेश मीणा बना सकते हैं उलटफेर, BJP-कांग्रेस की चुनौती

बारां। अंता विधानसभा सीट पर उपचुनाव में भले ही 15 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा इस चुनाव का समीकरण बदलने की ताकत रखते हैं। एक मजबूत जातीय आधार और स्थानीय मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाकर मीणा ने बीजेपी के मोरपाल सुमन और कांग्रेस के प्रमोद जैन ‘भाया’ के लिए गंभीर चुनौती पैदा कर दी है।

मीणा समाज के समर्थन पर मजबूत नींव

नरेश मीणा की सबसे बड़ी ताकत उन्हें अपने मीणा समाज से मिल रहा एकजुट समर्थन है। पिछले दो चुनावों में हार के बाद उनके पक्ष में सहानुभूति लहर भी देखी जा रही है। इसके अलावा, एससी/एसटी, धाकड़ और युवा मतदाताओं के एक वर्ग का अघोषित समर्थन भी उन्हें मिल रहा है, जो इस त्रिकोणीय मुकाबले को और रोचक बना रहा है।

आक्रामक रणनीति और कांग्रेस धड़े का गुप्त समर्थन?

मीणा ने अपने अभियान में एक आक्रामक रणनीति अपनाई है और कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद जैन ‘भाया’ पर लगातार निशाना साध रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि उन्हें कांग्रेस के एक धड़े की ओर से गुप्त समर्थन मिल रहा है, जिसका उद्देश्य बीजेपी उम्मीदवार के वोटों में बटवारा करना है। एक निर्दलीय होने के बावजूद, उनके पास पर्याप्त आर्थिक संसाधन भी हैं, जो उनके प्रचार को गति दे रहे हैं।

चुनौतियाँ भी हैं कम नहीं

हालाँकि, नरेश मीणा की राह आसान नहीं है। एक पार्टी मशीनरी के बिना बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करना एक बड़ी चुनौती है। उनकी आक्रामक और कभी-कभी विवादास्पद छवि उन मतदाताओं को दूर कर सकती है जो एक सौम्य छवि पसंद करते हैं। इसके अलावा, हनुमान बेनीवाल जैसे बड़े थर्ड फ्रंट के नेताओं का खुला समर्थन न मिलना भी उनके लिए एक झटका है।

निर्णायक साबित होगा मीणा वोट बैंक

माना जा रहा है कि इस चुनाव का नतीजा काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि मीणा समाज का वोट बैंक कितना एकजुट होकर नरेश मीणा के पक्ष में मतदान करता है। अगर वे बीजेपी और कांग्रेस के वोटों में सेंध लगाने में सफल रहे, तो वे इस उपचुनाव में बड़ा उलटफेर कर सकते हैं। 23 नवंबर को घोषित होने वाले नतीजे ही तय करेंगे कि क्या नरेश मीणा की इस चुनौती ने अंता की राजनीति का नक्शा बदल दिया है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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