मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। ईरान और अमेरिका के बीच होने वाले दूसरे दौर की शांति वार्ता अधर में लटक गई है। इस बीच, ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए अमेरिका को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर सकता है।
11 ट्रिलियन डॉलर की संपत्तियों पर फंसा पेंच
ईरान के अनुसार, कूटनीतिक गतिरोध की मुख्य वजह अमेरिका द्वारा उसकी 11 ट्रिलियन डॉलर की संपत्तियों को फ्रीज (Freeze) करना और ईरानी बंदरगाहों पर कड़े प्रतिबंध लगाना है। तेहरान का आरोप है कि अमेरिका आर्थिक युद्ध के जरिए उसे बातचीत की मेज पर झुकने को मजबूर कर रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो-टूक शब्दों में कहा:“यदि अगले 48 घंटों के भीतर हमारी जमी हुई संपत्तियों को जारी करने का कोई ठोस प्रस्ताव नहीं आता है, तो मौजूदा सीजफायर (युद्धविराम) को टूटा हुआ माना जाएगा। जब तक ईरान का पैसा वापस नहीं मिलता, तब तक होर्मुज के रास्ते कोई भी व्यापारिक गतिविधि सुरक्षित नहीं रहेगी।”
होर्मुज: क्यों कांप उठा है वैश्विक बाजार?
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी ने दुनिया भर के ऊर्जा विशेषज्ञों की रातों की नींद उड़ा दी है। तेल की लाइफलाइन: दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है। बढ़ेंगी कीमतें: यदि यह रास्ता बंद होता है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत समेत दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल और परिवहन महंगा हो जाएगा। रसद संकट: तेल के अलावा प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति भी इस मार्ग पर निर्भर है।
कूटनीतिक अनिश्चितता और युद्ध का साया
शांति वार्ता की तारीख तय न हो पाने के कारण कूटनीतिक हलकों में सन्नाटा पसरा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने फिलहाल ईरान के इस अल्टीमेटम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि अमेरिकी नौसेना इलाके में हाई अलर्ट पर है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि 48 घंटों के भीतर बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकला, तो यह तनाव एक बड़े सैन्य संघर्ष में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







