साकेत कोर्ट ने आरोपी राहुल को 4 दिन की रिमांड पर भेजा, फिंगरप्रिंट लॉक खोलने के लिए छात्रा के शव को सीढ़ियों से घसीटा

दिल्ली के पॉश इलाके अमर कॉलोनी में IRS अधिकारी की बेटी के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के मामले में रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हुए हैं। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी राहुल मीणा को साकेत कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ने न केवल छात्रा की बेरहमी से हत्या की, बल्कि लूटपाट के लिए मृतका के शरीर के साथ अमानवीय व्यवहार भी किया।

वारदात का खौफनाक टाइमलाइन: मात्र 40 मिनट में सब खत्म

CCTV फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने वारदात की कड़ियां जोड़ी हैं: सुबह 6:30 बजे: राहुल इलाके में दाखिल हुआ। उसे पता था कि युवती के माता-पिता (IRS अधिकारी और डेंटिस्ट पत्नी) इस समय जिम जाते हैं। आरोपी ने शू-रैक के पास छिपी ‘स्मार्ट चाबी’ का इस्तेमाल कर घर में प्रवेश किया।छात्रा ने जब शोर मचाने और फोन करने की कोशिश की, तो राहुल ने चार्जर की तार से उसका गला घोंट दिया और सिर पर भारी लैंप व पानी की बोतल से वार किए। युवती के बेहोश होने के बाद उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। 7:15 बजे: वारदात और लूट की कोशिश के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

खोलने के लिए शव को घसीटा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राहुल घर में मौजूद नकदी और गहने लूटना चाहता था। घर की तिजोरी फिंगरप्रिंट सेंसर (बायोमेट्रिक लॉक) से सुरक्षित थी। आरोपी, छात्रा के शरीर को सीढ़ियों से घसीटते हुए लॉकर तक ले गया और उसकी उंगलियों के जरिए लॉक खोलने की नाकाम कोशिश की। फिंगरप्रिंट काम न करने पर वह घबराकर वहां से भाग निकला।

जुए की लत और कर्ज ने बनाया अपराधी

23 वर्षीय राहुल मीणा पहले इसी घर में नौकर के तौर पर काम करता था। उसे परिवार की सुरक्षा व्यवस्था और रुटीन की पूरी जानकारी थी। जुए की लत और आसपास के लोगों से उधार लेने की शिकायतों के कारण उसे दो महीने पहले ही काम से हटा दिया गया था।आरोपी भारी कर्ज में डूबा हुआ था और उसे पैसे की सख्त जरूरत थी, जिसके चलते उसने इस जघन्य अपराध की साजिश रची।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पुष्टि

युवती की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच में यौन हमले, गला घोंटने और शरीर पर संघर्ष के गहरे निशान मिले हैं। पुलिस अब रिमांड के दौरान आरोपी से पूछताछ कर हत्या में इस्तेमाल सामान और अन्य साक्ष्य जुटाने की कोशिश कर रही है। इस घटना ने राजधानी में घरेलू सहायकों के वेरिफिकेशन और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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