NEET UG 2026: OMR शीट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, 600+ अंक वाले 6 छात्रों की याचिका खारिज

नीट यूजी 2026 परीक्षा में 600 से अधिक अंक हासिल करने वाले छह छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। ओएमआर (OMR) शीट में कथित गड़बड़ी को लेकर दायर उनकी याचिका को सर्वोच्च अदालत ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में नहीं होगी और ऐसे मामलों के लिए संबंधित छात्रों को दिल्ली हाई कोर्ट का रुख करना चाहिए।

OMR शीट में गड़बड़ी का लगाया आरोप

याचिका दायर करने वाले छात्रों का दावा था कि परीक्षा के दौरान उन्होंने जो उत्तर ओएमआर शीट पर दर्ज किए थे, वे राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की वेबसाइट पर अपलोड की गई स्कैन कॉपी से मेल नहीं खाते। छात्रों का कहना था कि इस अंतर के कारण उनके अंक प्रभावित हो सकते हैं, जिससे मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश की संभावनाओं पर भी असर पड़ सकता है। छात्रों ने अदालत से मूल ओएमआर शीट उपलब्ध कराने की मांग की थी ताकि वे अपने उत्तरों का सत्यापन कर सकें। उनका तर्क था कि काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है, इसलिए मामले में जल्द सुनवाई और निर्णय आवश्यक है।

सुप्रीम कोर्ट ने दी दिल्ली हाई कोर्ट जाने की सलाह

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि फिलहाल सुप्रीम कोर्ट का ध्यान राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली में संस्थागत सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं मजबूत बनाने पर केंद्रित है। पीठ ने कहा कि व्यक्तिगत शिकायतों के लिए उचित मंच संबंधित हाई कोर्ट हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस तरह की कई शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन सर्वोच्च अदालत व्यापक सुधारों पर विचार कर रही है। इसके बाद छात्रों की याचिका खारिज कर दी गई।

NTA ने पहले ही दिया था आपत्ति दर्ज कराने का अवसर

सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि एनटीए ने परीक्षा परिणाम घोषित करने से पहले उम्मीदवारों को स्कैन की गई ओएमआर शीट उपलब्ध कराई थी और किसी भी त्रुटि या आपत्ति को दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय भी दिया था। एजेंसी का कहना है कि आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही अंतिम परिणाम जारी किए गए थे। इसके बावजूद संबंधित छात्र सीधे सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जिस पर अदालत ने उन्हें दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर करने की सलाह दी।

अन्य अदालतों में भी पहुंच चुके हैं ऐसे मामले

नीट यूजी 2026 की ओएमआर शीट और स्कोर से जुड़े विवाद देश की विभिन्न अदालतों तक पहुंच चुके हैं। हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने इसी तरह के एक मामले में नोटिस जारी किया था, जबकि दिल्ली हाई कोर्ट में भी एक छात्र ने स्कोर में कथित बदलाव और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर याचिका दाखिल की है। इन मामलों के बीच सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला संकेत देता है कि व्यक्तिगत विवादों का समाधान संबंधित हाई कोर्ट में ही किया जाएगा, जबकि सर्वोच्च अदालत परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार से जुड़े मुद्दों पर अपना ध्यान केंद्रित रखेगी।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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