उत्तर कोरिया ने फिर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जापान के EEZ के बाहर गिरी; बढ़ा तनाव

उत्तर कोरिया ने रविवार, 20 सितंबर 2026 को एक बार फिर पूर्वी समुद्र की ओर मिसाइल लॉन्च की। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने इसे अज्ञात प्रोजेक्टाइल बताया, जबकि जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह प्रक्षेपण बैलिस्टिक मिसाइल हो सकता है। जापान की ओर से मिली जानकारी के अनुसार मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरी।

यह लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब कोरियाई प्रायद्वीप में सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बना हुआ है। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के बीच हालिया सैन्य अभ्यास के बाद उत्तर कोरिया की ओर से लगातार मिसाइल गतिविधियां देखने को मिली हैं।

दक्षिण कोरिया ने बताया अज्ञात प्रोजेक्टाइल

दक्षिण कोरिया की सेना ने रविवार दोपहर उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी समुद्र यानी ईस्ट सी की तरफ एक प्रोजेक्टाइल लॉन्च किए जाने की पुष्टि की। शुरुआती बयान में JCS ने इसके प्रकार और उड़ान से जुड़ी विस्तृत जानकारी नहीं दी थी और कहा था कि अधिकारी इसकी तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं।

बाद की रिपोर्टों में दक्षिण कोरियाई सेना ने इसे कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल बताया। रिपोर्ट के अनुसार यह प्रक्षेपण वॉनसान क्षेत्र से हुआ और मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय की। दक्षिण कोरिया और अमेरिका इसके विवरण का संयुक्त विश्लेषण कर रहे थे।

जापान ने भी बढ़ाई निगरानी

जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी प्रक्षेपण का पता लगाया और इसे संभावित बैलिस्टिक मिसाइल बताया। जापानी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक प्रक्षेप्य जापान के EEZ के बाहर गिरा। जापान ने यह भी जानकारी जुटानी शुरू की कि इस प्रक्षेपण से उसके क्षेत्र या समुद्री गतिविधियों पर कोई असर पड़ा या नहीं। इससे पहले भी उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के दौरान जापान और दक्षिण कोरिया अपनी निगरानी और सुरक्षा तैयारियां बढ़ाते रहे हैं।

8 दिन बाद फिर हुआ मिसाइल लॉन्च

यह प्रक्षेपण 12 सितंबर के बाद हुआ है। 12 सितंबर को उत्तर कोरिया ने वॉनसान क्षेत्र से पूर्वी समुद्र की ओर कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। दक्षिण कोरियाई सेना के अनुसार वे मिसाइलें करीब 250 किलोमीटर तक गई थीं। उत्तर कोरिया ने बाद में 12 सितंबर की गतिविधि को तोपखाने और मिसाइल इकाइयों से जुड़ा संयुक्त फायरपावर स्ट्राइक ड्रिल बताया था। यह घटनाक्रम दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान के संयुक्त सैन्य अभ्यास के तुरंत बाद हुआ था।

किम यो जोंग ने अमेरिका समर्थित सैन्य अभ्यास पर जताई थी आपत्ति

मिसाइल लॉन्च से कुछ दिन पहले उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने अमेरिका के नेतृत्व वाले सैन्य अभ्यासों की आलोचना की थी। 17 सितंबर को दिए बयान में उन्होंने कहा था कि ऐसे सैन्य अभ्यास कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा रहे हैं और उत्तर कोरिया अपनी सुरक्षा को लेकर जवाबी कदम उठाएगा। किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव को भी खारिज किया था। उनके बयान के बाद रविवार का मिसाइल लॉन्च क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्षेत्रीय तनाव पर बढ़ी नजर

उत्तर कोरिया की लगातार मिसाइल गतिविधियों के कारण दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की निगरानी बढ़ी हुई है। 20 सितंबर का ताजा प्रक्षेपण भी ऐसे समय हुआ है जब क्षेत्र में सैन्य अभ्यास और उत्तर कोरिया की हथियार गतिविधियों को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। हालांकि, ताजा मिसाइल लॉन्च के पीछे उत्तर कोरिया का आधिकारिक उद्देश्य अभी सामने नहीं आया है। दक्षिण कोरिया और अमेरिका मिसाइल की सटीक तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण कर रहे हैं, इसलिए इसके प्रकार और उद्देश्य से जुड़े किसी भी निष्कर्ष को फिलहाल शुरुआती जानकारी के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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