Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के बाद अब मेयर और सभापति के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी की चुनावी स्थिति को लेकर कई दावे किए हैं। राठौड़ ने कहा कि भाजपा निकाय चुनावों में बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है और कई निकायों में पार्टी ने निर्विरोध जीत दर्ज की है।
‘कांग्रेस के कई पार्षद BJP में आना चाहते हैं’
राजेंद्र राठौड़ ने दावा किया कि कांग्रेस के कई निर्वाचित पार्षद भाजपा में शामिल होने के लिए उनसे संपर्क कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं के बारे में पार्टी उनके राजनीतिक रिकॉर्ड, छवि और अन्य पहलुओं को देखने के बाद ही कोई फैसला करेगी।
राठौड़ ने कांग्रेस के संगठन और चुनावी सक्रियता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान कांग्रेस के बड़े नेता सक्रिय नजर नहीं आए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस नेता सचिन पायलट का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें चुनाव प्रचार करते हुए नहीं देखा गया। राठौड़ ने कांग्रेस को लेकर कहा कि पार्टी “टुकड़ों में बंट चुकी है” और इसे उन्होंने “बयानवीरों की कांग्रेस” बताया। ये टिप्पणियां राठौड़ के राजनीतिक दावे हैं।
क्रॉस वोटिंग के दावों पर राठौड़ का पलटवार
निकायों में मेयर और सभापति के चुनाव से पहले कांग्रेस की ओर से भाजपा में क्रॉस वोटिंग की आशंका जताए जाने पर भी राठौड़ ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दलबदल की राजनीति को बढ़ावा देने का इतिहास कांग्रेस का रहा है।
राठौड़ ने राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कार्यकाल का जिक्र करते हुए भी आरोप लगाए और कांग्रेस के क्रॉस वोटिंग संबंधी दावों को खारिज किया। उनका कहना था कि भाजपा का कार्यकर्ता अपनी पार्टी से दूर नहीं जा सकता और कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
हालांकि, निकाय चुनावों के मौजूदा दौर में दोनों प्रमुख दल अपने पार्षदों को एकजुट रखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर कैंप कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने पार्षदों को साथ रखने की रणनीति अपनाई है।
बाड़ेबंदी के आरोपों पर भी कांग्रेस को घेरा
पार्षदों पर दबाव बनाने और धमकाने के कांग्रेस के आरोपों पर राठौड़ ने पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस से उसके पिछले कार्यकाल को याद करने की बात कही। राठौड़ के अनुसार, कांग्रेस सरकार के समय उसके मंत्री और विधायक भी बाड़ेबंदी में रहे थे और विधायकों को पुलिस सुरक्षा में रखा गया था।
दूसरी ओर, कांग्रेस ने मौजूदा निकाय चुनावों के दौरान भाजपा पर पुलिस और प्रशासनिक मशीनरी के इस्तेमाल के जरिए अपने पार्षदों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के इन आरोपों को भाजपा की ओर से स्वीकार नहीं किया गया है।
मेयर चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
राजस्थान के कई नगर निगमों में अब मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक जोड़-तोड़ और रणनीति का दौर चल रहा है। जयपुर में भाजपा के पास 78 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के पास 57 पार्षद हैं। 150 सदस्यीय निगम में बहुमत का आंकड़ा 76 है। मेयर चुनाव 25 सितंबर को होना है।
ऐसे में दोनों दल अपने-अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ चुनावी रणनीति पर काम कर रहे हैं। राठौड़ के बयान के बाद राजस्थान की निकाय राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज होने की संभावना है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








