पवन खेड़ा ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर उठाए सवाल, बोले- युवाओं के लिए बुनियादी सुविधाओं की जरूरत

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने देश की शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सरकार की खर्च प्राथमिकताओं पर टिप्पणी करते हुए कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा देने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे, अच्छे शिक्षकों, प्रशिक्षण, छात्रावास और रोजगार के अवसरों पर पर्याप्त ध्यान दिया जाना चाहिए। खेड़ा की यह टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद सामने आई है।

पवन खेड़ा ने शिक्षा को लेकर सरकार पर साधा निशाना

पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए शिक्षा का मजबूत बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षित शिक्षक, प्रशिक्षण की बेहतर व्यवस्था, हॉस्टल और रोजगार के पर्याप्त अवसर जरूरी हैं। खेड़ा ने अपनी पोस्ट में केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर निशाना साधा। हालांकि, ये टिप्पणियां कांग्रेस नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप हैं।

‘छात्रों की गूंज’ में शिक्षा और रोजगार के मुद्दे

राहुल गांधी ने 19 सितंबर 2026 को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से संवाद किया। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती, रोजगार, पेपर लीक और हॉस्टल जैसी समस्याओं पर छात्रों ने अपनी बात रखी। रिपोर्टों के मुताबिक, कार्यक्रम का फोकस छात्रों को अपनी समस्याएं और भविष्य से जुड़ी चिंताएं सीधे रखने का अवसर देने पर था। राहुल गांधी ने भी छात्रों की ओर से उठाए गए सवालों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर अपनी बात रखी।

हॉस्टल और छात्राओं की रहने की समस्या का मुद्दा

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के लिए हॉस्टल और सुरक्षित आवास की समस्या भी चर्चा में रही। राहुल गांधी ने एक छात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि ग्रामीण इलाकों से शहरों में पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं के सामने रहने की व्यवस्था बड़ी चुनौती बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि निजी आवास या पीजी का खर्च कई परिवारों के लिए मुश्किल हो सकता है। इसी संदर्भ में छात्रावास और आवास से जुड़ी सुविधाओं को लेकर सरकार से सवाल किए गए।

शिक्षा के साथ रोजगार और भर्ती पर भी चर्चा

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में केवल शिक्षा तक सीमित मुद्दे नहीं उठे, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं, भर्ती में देरी, पेपर लीक और रोजगार से जुड़ी चिंताओं पर भी चर्चा हुई। छात्रों की ओर से परीक्षा व्यवस्था और भविष्य को लेकर अपनी समस्याएं सामने रखी गईं पवन खेड़ा की ताजा टिप्पणी को भी कांग्रेस की ओर से युवाओं और छात्रों से जुड़े इन्हीं मुद्दों को राजनीतिक रूप से उठाए जाने के क्रम में देखा जा रहा है। सरकार की शिक्षा संबंधी नीतियों और खर्च को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए गए सवालों पर केंद्र सरकार की ओर से इस विशेष बयान पर प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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