राजस्थान निकाय-पंचायत चुनाव: कांग्रेस ने साफ की टिकट रणनीति, युवाओं को 60% तक मौका; गहलोत बोले

जयपुर। राजस्थान में आगामी निकाय और पंचायत चुनावों को लेकर कांग्रेस ने प्रत्याशी चयन की रणनीति स्पष्ट कर दी है। पार्टी अब ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की तैयारी में है, जिनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ हो और जो संगठन के लिए ‘जिताऊ और टिकाऊ’ साबित हो सकें। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पार्टी में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की पैरवी करते हुए 60 फीसदी तक टिकट युवाओं को देने की बात कही है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टिकट वितरण में सिफारिश की भूमिका का विरोध किया है। गहलोत का कहना है कि उम्मीदवारों का चयन जमीनी स्थिति, संगठनात्मक पकड़ और मेरिट के आधार पर होना चाहिए।

टिकट के दावेदारों से मांगे आवेदन

कांग्रेस ने निकाय और पंचायत चुनाव में टिकट के इच्छुक दावेदारों से आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए पार्टी की ओर से लिंक और QR कोड जारी किया गया है। पार्टी ने दो दिनों में प्रदेश के सभी 50 जिलों से फीडबैक लेने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इससे पहले कांग्रेस वॉररूम में प्रदेश कोर कमेटी की बैठक हुई, जिसमें प्रत्याशी चयन को लेकर अहम फैसला लिया गया। पार्टी का कहना है कि टिकट किसी एक नेता की सिफारिश के आधार पर नहीं दिए जाएंगे, बल्कि संगठन, स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों से मिले सामूहिक फीडबैक के आधार पर अंतिम निर्णय होगा।

‘जिताऊ और टिकाऊ’ उम्मीदवारों पर फोकस

प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस बार ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देगी, जिनकी क्षेत्र में अच्छी पकड़ हो और जो चुनाव जीतने की क्षमता रखते हों। संगठन के प्रति निष्ठा, जनता के बीच सक्रियता, स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता और भविष्य में पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े रहने जैसे पहलुओं को भी टिकट वितरण में महत्व दिया जाएगा।

पार्टी उन निर्दलीय उम्मीदवारों पर भी विचार कर सकती है, जिन्होंने पिछला चुनाव निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर जीता था, लेकिन पिछले पांच वर्षों में कांग्रेस के साथ लगातार काम किया। हालांकि, कांग्रेस के टिकट पर जीतने के बाद किसी दूसरे राजनीतिक दल में चले गए नेताओं को टिकट देने के मामले में पार्टी का रुख सख्त रहेगा।

बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी भी रही चर्चा में

कोर कमेटी की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत प्रदेश सह-प्रभारियों ने हिस्सा लिया। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, जितेंद्र सिंह और हरीश चौधरी को भी बैठक के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन वे बैठक में शामिल नहीं हुए। चुनाव से पहले हुई इस अहम बैठक में कुछ बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय रही।

गहलोत की दो टूक- सिफारिश से टिकट दिया तो हारेंगे

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने टिकट वितरण को लेकर पार्टी के भीतर स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी उम्मीदवार को केवल सिफारिश के आधार पर टिकट दिया गया तो उसके चुनाव हारने की संभावना बढ़ जाएगी। गहलोत ने यहां तक कहा कि अगर वह खुद किसी उम्मीदवार की सिफारिश करें, तब भी केवल उनकी सिफारिश के आधार पर टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, टिकट का आधार उम्मीदवार की जमीनी स्थिति और चुनाव जीतने की क्षमता होनी चाहिए।

दो-तीन दिन में बड़ी बैठक, फिर शुरू होगा अभियान

कांग्रेस अब अगले चरण की तैयारी में जुट गई है। पार्टी की ओर से दो-तीन दिन में विधायकों, पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं की बड़ी बैठक बुलाई जा सकती है। इसके बाद निकाय और पंचायत चुनाव के लिए कांग्रेस का औपचारिक चुनावी अभियान शुरू होने की संभावना है। अभियान में स्थानीय समस्याओं के साथ सरकार के कथित कुशासन, भ्रष्टाचार, विकास कार्यों की स्थिति, तबादलों और आरक्षण जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी है। कांग्रेस का लक्ष्य स्थानीय स्तर पर मजबूत उम्मीदवारों के जरिए संगठन को मजबूत करना और चुनावी मैदान में भाजपा को कड़ी चुनौती देना है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

Leave a Comment