Rajasthan Ghost Doctors News: 697 ‘लापता’ डॉक्टरों पर सरकार का बड़ा एक्शन, सेवा समाप्ति की तैयारी

जयपुर: राजस्थान में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ऐसे 697 ‘घोस्ट डॉक्टर्स’ के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जो कागजों में तो तैनात हैं लेकिन वर्षों से अस्पतालों में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग अब इन डॉक्टरों की सेवाएं स्थायी रूप से समाप्त करने की तैयारी कर रहा है।

5 दिन का अल्टीमेटम, CMHO को सख्त निर्देश

स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (CMHO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि वे 5 दिनों के भीतर गायब डॉक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजें। यह पूरी प्रक्रिया सेवा नियमों (CCA Rules) के तहत लागू की जाएगी, ताकि सिस्टम में फैली लापरवाही पर लगाम लगाई जा सके।

15 से 22 साल तक ड्यूटी से गायब डॉक्टर

जांच में सामने आया है कि कई डॉक्टर पिछले दो दशकों से अस्पताल नहीं पहुंचे।

  • उदयपुर में एक बाल रोग विशेषज्ञ जुलाई 2004 से लापता है।
  • एक स्त्री रोग विशेषज्ञ 2013 से ड्यूटी पर नहीं आया।
  • अजमेर के जेएलएन अस्पताल में सर्जरी विशेषज्ञ 2007 से गायब है।

अजमेर जिला 41 गायब डॉक्टरों के साथ सूची में सबसे ऊपर है, जबकि राजधानी जयपुर में भी 29 डॉक्टर वर्षों से अनुपस्थित पाए गए हैं।

जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई

चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा ने बताया कि विभागीय जांच में बड़ी संख्या में डॉक्टर बिना सूचना के अनुपस्थित मिले हैं। सभी CMHO को निर्देश दिए गए हैं कि वे विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें, जिससे अनुपस्थिति के कारणों का पता चल सके। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले डॉक्टरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सेवा समाप्ति तक शामिल हो सकती है।

मरीजों पर असर, नई भर्तियों में बाधा

इन ‘घोस्ट डॉक्टर्स’ की वजह से स्वास्थ्य व्यवस्था पर दोहरा असर पड़ा है। एक तरफ स्त्री रोग, सर्जरी और रेडियोलॉजी जैसे अहम विभागों में विशेषज्ञों की कमी हो गई, वहीं दूसरी ओर कागजों में पद भरे होने के कारण सरकार नई भर्तियां नहीं कर पा रही थी। कई डॉक्टर पीजी करने के बाद विदेश चले गए या निजी प्रैक्टिस में लग गए, लेकिन उन्होंने सरकारी नौकरी से इस्तीफा नहीं दिया।

बांड राशि की वसूली भी होगी

सरकार अब सख्त रुख अपनाते हुए सिर्फ नौकरी समाप्त नहीं करेगी, बल्कि आर्थिक कार्रवाई भी करेगी। जिन डॉक्टरों ने सरकारी कोटे से पीजी की पढ़ाई की और बांड की शर्तें पूरी नहीं की, उनसे करोड़ों रुपये की राशि वसूली जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कर दिया है कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और इस कार्रवाई से नई भर्तियों का रास्ता भी खुलेगा।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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