राजस्थान कांग्रेस में ‘फोटो पॉलिटिक्स’: गहलोत-पायलट की दिल्ली में मुलाकात पर मदन राठौड़ का तंज— “यह साथ होने का स्वांग”

जयपुर: राजस्थान कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की दिल्ली में हुई एक मुलाकात ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है। बुधवार (22 अप्रैल) को एआईसीसी (AICC) मुख्यालय में दोनों नेताओं के बीच हुए अभिवादन और फोटो खिंचवाने के अंदाज पर भाजपा ने तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने इसे “एकजुटता का दिखावा” करार दिया है।

“फोटो ले लो, फिर कहोगे बनती नहीं है”: गहलोत

मामला तब शुरू हुआ जब अशोक गहलोत दिल्ली में कांग्रेस की ओबीसी एडवाइजरी कमेटी की बैठक में शामिल होने पहुंचे थे। जैसे ही गहलोत अपनी गाड़ी से उतरे, वहां पहले से मौजूद सचिन पायलट ने हाथ बढ़ाकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस पल को कैमरों में कैद होते देख अशोक गहलोत ने चुटीले अंदाज में पत्रकारों से कहा, “फोटो ले लो, फिर कहोगे कि दोनों की बनती नहीं है।” वहीं, सचिन पायलट ने भी मुस्कुराते हुए मीडिया से कहा कि पीछे और कौन-कौन आ रहा है, इसका भी ध्यान रखना।

मदन राठौड़ का पलटवार: “नकारा-निकम्मा” वाला जख्म नहीं भरेगा

इस तस्वीर के वायरल होते ही राजस्थान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने तंज कसने में देरी नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर नेताओं को अपनी एकजुटता साबित करने के लिए फोटो खिंचवाने की जरूरत पड़ रही है, तो समझा जा सकता है कि भीतर कितना बड़ा अंतर्द्वंद है।

राठौड़ के तीखे वार:

  • पुराना विवाद: मदन राठौड़ ने 2020 की गुटबाजी को याद दिलाते हुए कहा, “गहलोत ने पायलट को ‘नकारा और निकम्मा’ कहा था। पायलट इस अपमान को जिंदगी भर नहीं भूल सकेंगे।”

  • स्वांग का आरोप: राठौड़ ने कहा कि ये दोनों नेता कभी साथ नहीं हो सकते, ये सिर्फ साथ होने का ‘स्वांग’ (नाटक) कर रहे हैं।

  • चेयर-गेम का सवाल: उन्होंने सवाल उठाया कि फोटो फ्रेम में एकजुट दिखने वाले ये नेता क्या सत्ता के ‘चेयर-गेम’ में भी ऐसा ही सद्भाव दिखा पाएंगे?

सियासी मायने: ओबीसी राजनीति और वर्चस्व की जंग

दोनों नेता ओबीसी वर्ग से आते हैं और उनकी यह मुलाकात ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल की बैठक से ठीक पहले हुई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राजस्थान में आगामी उपचुनावों और संगठन की मजबूती के लिए कांग्रेस आलाकमान दोनों को साथ दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन भाजपा इसे कांग्रेस की कमजोरी के रूप में भुनाने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है।

 

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Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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