सीकर: राजस्थान में होने वाले नगर निकाय चुनाव को लेकर नगरीय विकास एवं आवासन (UDH) राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं में मेयर, सभापति और पालिकाध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता नहीं, बल्कि निर्वाचित पार्षद करेंगे।
गुरुवार को सीकर में भाजपा की जिलास्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री खर्रा ने कहा कि राज्य में निकाय चुनाव पहले की तरह ही प्रक्रिया के अनुसार कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पार्षदों के चुने जाने के बाद उन्हीं के माध्यम से नगर निकायों के अध्यक्षों का चुनाव होगा।
सीधे चुनाव से विकास कार्य हुए थे प्रभावित
झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि भाजपा सरकार के पिछले कार्यकाल में एक बार नगर निकाय अध्यक्षों का सीधा चुनाव कराया गया था। उस दौरान कई जगह चेयरपर्सन और पार्षद अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के चुने गए, जिससे पूरे कार्यकाल में टकराव की स्थिति बनी रही। उन्होंने कहा कि इस खींचतान का सीधा असर विकास कार्यों पर पड़ा और कई नगर निकायों में योजनाएं प्रभावित हुईं। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार फिर पार्षदों के माध्यम से मेयर और सभापति चुनने की व्यवस्था अपनाई जाएगी।
भजनलाल सरकार के कार्यों का किया उल्लेख
राज्यमंत्री खर्रा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बीते 31 महीनों में सड़क, बिजली, पानी, कानून व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार ने ऐतिहासिक काम किए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है।
पंचायत और निकाय चुनाव में देरी पर दी सफाई
पंचायत और निकाय चुनाव में हुई देरी पर पूछे गए सवाल के जवाब में झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि वर्ष 2021-22 में सुप्रीम कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण को लेकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने बताया कि 2024 में भाजपा सरकार बनने के बाद राजनीतिक आरक्षण के लिए ओबीसी आयोग का गठन किया गया। आयोग को प्रशासन के सहयोग से अन्य पिछड़ा वर्ग की आबादी से जुड़े आंकड़े एकत्र करने का दायित्व दिया गया, जिसके बाद चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
भाजपा कार्यकर्ता हमेशा जनता के बीच रहता है
मीडिया से बातचीत में मंत्री खर्रा ने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता साल के 365 दिन और 24 घंटे जनता के बीच सक्रिय रहता है। चुनाव के समय केवल संगठनात्मक जिम्मेदारियों का विभाजन किया जाता है और चुनाव संचालन समिति के माध्यम से रणनीति तैयार की जाती है। बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा एक परिवार है, जहां राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री से लेकर पन्ना प्रमुख तक हर व्यक्ति स्वयं को कार्यकर्ता मानता है। उन्होंने कहा कि पार्टी की जीत कार्यकर्ताओं की एकजुटता और मेहनत से ही संभव होती है। बैठक में सीकर जिले के सभी विधायक, विधानसभा प्रत्याशी, पूर्व विधायक, जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







