रांची: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC और JSSC में सुधार की मांग को लेकर हुए विरोध मार्च के बाद कोतवाली थाने में तीन अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं। इन मामलों में 14 छात्रों सहित सैकड़ों अज्ञात प्रदर्शनकारियों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि FIR, मुकदमे या जेल जाने का डर छात्रों के आंदोलन को रोक नहीं सकता।
प्रदर्शन के बाद तीन अलग-अलग मामले दर्ज
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के बैनर तले शुक्रवार को रांची के मेन रोड पर विरोध मार्च निकाला गया था। इसके बाद पुलिस और अन्य लोगों की शिकायतों के आधार पर तीन अलग-अलग मामले दर्ज किए गए। पहली FIR रांची के सर्किल ऑफिसर (CO) शिवशंकर पांडे की शिकायत पर दर्ज हुई। इसमें 14 नामजद लोगों के साथ करीब 250 अज्ञात प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने और बिना अनुमति जुलूस निकालने का आरोप लगाया गया है। दूसरी FIR शाहबाज आलम की शिकायत पर दर्ज की गई, जिसमें मारपीट और चोट पहुंचाने के आरोप में 11 नामजद तथा करीब 250 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। तीसरी FIR अंकिता वर्मा की शिकायत पर दर्ज हुई, जिसमें चादरी लाइन टैंक के पास सात नामजद लोगों समेत एक समूह पर मारपीट और अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया गया है।
‘FIR और जेल के डर से नहीं रुकेगा आंदोलन’
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि छात्र इस संघर्ष में पहले से जानते हुए उतरे हैं कि भ्रष्ट व्यवस्था में बदलाव आसान नहीं है और आंदोलन के दौरान FIR, जेल, लाठीचार्ज तथा आरोपों का सामना करना पड़ सकता है। महतो ने कहा कि उन्हें मुकदमों की चिंता नहीं है। प्रशासन को कानून के अनुसार अपना काम करना चाहिए और छात्रों को न्यायपालिका तथा संविधान पर पूरा भरोसा है।
Gen Z को चाहिए सुरक्षित भविष्य
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि आज की Gen Z केवल राजनीतिक नारों से संतुष्ट नहीं होगी। युवाओं को सुरक्षित भविष्य के लिए ठोस फैसले और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा किसी खास राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि अपने भविष्य और व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर हैं। उनके मुताबिक, लंबे सत्याग्रह और भूख हड़ताल के बाद छात्रों के हित में कुछ फैसले हुए हैं, अब सरकार को उन वादों को जमीन पर लागू करना होगा। महतो ने कहा कि युवाओं की मांगों को केवल राजनीतिक बातचीत तक सीमित रखने के बजाय सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।






