पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद सबसे ज्यादा राजनीतिक हलचल पश्चिम बंगाल को लेकर देखने को मिल रही है। राज्य में Bharatiya Janata Party की ऐतिहासिक जीत के बाद देश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।पश्चिम बंगाल में Mamata Banerjee के 15 साल पुराने शासन का अंत करते हुए भाजपा ने 207 सीटों के साथ पहली बार सत्ता हासिल की है। इस बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा प्रधानमंत्री Narendra Modi को दी गई बधाई पर Sanjay Raut ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ट्रंप को लिखा पत्र
शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने डोनाल्ड ट्रंप को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राउत ने अपने पत्र में कहा कि भारत में हुए चुनाव राज्य स्तर के थे और यह देश के संघीय लोकतंत्र का आंतरिक विषय है। उन्होंने लिखा कि ऐसे समय में किसी विदेशी नेता द्वारा समर्थन या बधाई देना “असामयिक और अनुचित” प्रतीत होता है। उन्होंने ट्रंप से कहा कि उन्हें भारत में चुनाव के दौरान जमीनी हालात और संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका को भी समझना चाहिए।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए सवाल
संजय राउत ने अपने पत्र में Election Commission of India की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता के बीच यह धारणा बन रही है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष तरीके से काम नहीं किया और उसकी कार्यप्रणाली भाजपा के पक्ष में दिखाई दी। राउत ने दावा किया कि चुनाव के दौरान भय और दबाव का माहौल बनाया गया तथा विपक्षी दलों के खिलाफ विभिन्न तरीकों से दबाव डाला गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय होने चाहिए, लेकिन बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और कुछ प्रशासनिक फैसलों ने संवैधानिक संस्थाओं की तटस्थता पर सवाल खड़े किए हैं।
विदेशी हस्तक्षेप पर भी उठाया मुद्दा
राउत ने अपने पत्र में यह भी कहा कि जब देश के भीतर चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल और शिकायतें मौजूद हों, तब विदेशी नेताओं की बधाई भारतीय लोकतंत्र की आंतरिक चुनौतियों को नजरअंदाज करने जैसा प्रतीत होती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय राउत का यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी राजनीतिक आपत्तियां दर्ज कराने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
बंगाल चुनाव के बाद लगातार जारी है बयानबाजी
पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम आने के बाद विपक्षी दल लगातार भाजपा और चुनाव आयोग पर हमलावर हैं। वहीं भाजपा इसे जनता के जनादेश और विकास की राजनीति की जीत बता रही है। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गर्म बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








