जयपुर/अलवर। राजस्थान के अलवर स्थित ईटाराणा सैन्य छावनी क्षेत्र से पकड़े गए संदिग्ध युवक की जांच में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को उसके मोबाइल फोन से 900 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कॉल्स के रिकॉर्ड मिले हैं। इसके अलावा पाकिस्तान से कथित आर्थिक लेनदेन के संकेत और बड़ी मात्रा में डिलीट किया गया डेटा भी जांच के दायरे में है। मामले की गंभीरता को देखते हुए युवक को जयपुर लाकर इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और राजस्थान पुलिस की विशेष शाखा द्वारा गहन पूछताछ की जा रही है। जोधपुर निवासी 20 वर्षीय कुंदन विश्नोई को 14 जून को अलवर की ईटाराणा सैन्य छावनी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के दौरान हिरासत में लिया गया था। प्रारंभिक पूछताछ के बाद मामला सेना की खुफिया इकाइयों से होते हुए राज्य और केंद्रीय जांच एजेंसियों तक पहुंचा।
मोबाइल डेटा की हो रही फॉरेंसिक जांच
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी के मोबाइल फोन से कई चैट, तस्वीरें, वीडियो और अन्य डिजिटल फाइलें डिलीट मिली हैं। अब साइबर विशेषज्ञों की मदद से इन डाटा को रिकवर किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल से प्राप्त डिजिटल साक्ष्य मामले की तह तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल से कुछ अश्लील फोटो और वीडियो भी बरामद हुए हैं। वहीं बड़ी संख्या में डिलीट किए गए दस्तावेजों और संदेशों की जांच जारी है।
पाकिस्तान और विदेशी नंबरों से संपर्क के संकेत
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवक के मोबाइल से 900 से अधिक अंतरराष्ट्रीय कॉल किए गए थे। इनमें पाकिस्तान के एक नंबर पर सैकड़ों बार संपर्क किए जाने की जानकारी मिली है। इसके अलावा हांगकांग के कुछ नंबरों से भी बातचीत के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि हिरासत में लिए जाने की आशंका के बाद आरोपी ने अपने मोबाइल से बड़ी मात्रा में डेटा डिलीट कर दिया था। अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने किन लोगों से संपर्क किया और क्या कोई संवेदनशील जानकारी साझा की गई थी।
छात्रा से बातचीत के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, युवक को सैन्य क्षेत्र में एक छात्रा से बातचीत करते समय संदिग्ध परिस्थितियों में देखा गया था। उसकी गतिविधियों पर संदेह होने के बाद सेना और आर्मी इंटेलिजेंस ने पूछताछ शुरू की। बाद में मामला पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियों को सौंप दिया गया।
सोशल मीडिया के जरिए बनाता था संपर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, विशेषकर इंस्टाग्राम के माध्यम से अलवर कैंट क्षेत्र और आसपास की युवतियों से संपर्क बढ़ाने की कोशिश करता था। सूत्रों के अनुसार, वह विश्वास जीतने के लिए महंगे उपहार भी भेजता था। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके सोशल मीडिया नेटवर्क, आर्थिक लेनदेन और संपर्कों की विस्तृत जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
जांच जारी, एजेंसियां जुटा रही सबूत
फिलहाल आईबी, सैन्य खुफिया एजेंसियां और राजस्थान पुलिस संयुक्त रूप से मामले की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल डेटा की रिकवरी और फॉरेंसिक विश्लेषण के बाद ही पूरे नेटवर्क और कथित गतिविधियों की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी। जांच एजेंसियों ने अभी तक मामले में कोई अंतिम निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया है और पूछताछ जारी है।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







