देहरादून। बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला लगातार गहराता जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने जांच के दौरान मुख्य आरोपी और मंदिर प्रशासन से जुड़े पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान के ठिकानों पर छापेमारी कर कई अहम सामान बरामद किए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार कार्रवाई के दौरान विभिन्न देशों की विदेशी मुद्राएं, महंगा केसर और अन्य संदिग्ध वस्तुएं मिली हैं। पुलिस अब इन बरामदगी का मामले से संबंध जोड़कर जांच कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह राजेंद्र चौहान से कई घंटों तक लगातार पूछताछ की गई। शुरुआती दौर में वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा था, लेकिन लंबी पूछताछ के बाद उसने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इन्हीं इनपुट के आधार पर एसआईटी ने बद्रीनाथ क्षेत्र में उसके आवास और अन्य स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि विदेशी मुद्रा और अन्य सामान की बरामदगी हुई है, जबकि कथित नकदी के बारे में आरोपी अब भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहा है।
#WATCH | Uttarakhand: Based on the leads provided by former temple officer of Badrinath Temple Rajendra Chauhan, the accused in the alleged donation theft at Badrinath Temple, raids are currently underway at his premises in the Badrinath Dham area.
Chauhan was arrested today… pic.twitter.com/wIqzqiuhdp
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) July 17, 2026
जांच में सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम साक्ष्य बनकर सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार 22 जून, 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में आरोपी को दान पेटी से निकाली गई नकदी की गड्डियां अपनी जेब में रखते हुए देखा गया है। इन्हीं वीडियो के आधार पर उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस शनिवार को आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए रिमांड की मांग करेगी।
इस मामले में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) पहले ही अपनी 18 पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट एसआईटी को सौंप चुकी है। जांच एजेंसियां अब सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल थे। इसी क्रम में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रंगड़ और उनके निजी सहायक अतुल डिमरी से भी पूछताछ की जा रही है। एसआईटी की टीम लगातार मंदिर परिसर के सीसीटीवी कंट्रोल रूम में बैठकर दान संग्रह और उसकी गिनती की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि दान की गिनती के दौरान नकदी, सोने-चांदी के सिक्के और श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए लिफाफों में हेरफेर किया जाता था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि कथित चोरी कितने समय से चल रही थी, कुल कितनी राशि और कीमती सामान गायब हुआ तथा इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका रही।
देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़ी इस घटना ने लोगों की आस्था और मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एसआईटी का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








