चित्तौड़गढ़। कांग्रेस नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने रविवार को अपना जन्मदिन सांवलिया सेठ मंदिर में धूमधाम से मनाया। इस मौके पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक वाहन रैली के साथ पहुंचे। मंदिर में दर्शन के बाद पायलट ने सभा को संबोधित किया और जीवन को संघर्ष की राह बताते हुए कहा कि “काले घने बादल हैं तो बारिश भी होगी और बादल भी छंटेंगे।”
युवाओं को नशे से बचाने पर जोर
अपने संबोधन में पायलट ने युवाओं को नशे से दूर रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल समाज की नहीं बल्कि सरकार की भी बड़ी जिम्मेदारी है। “केंद्र और राज्य सरकार दोनों को हालात सुधारने होंगे,” पायलट ने कहा।
अतिवृष्टि और मुआवजे का मुद्दा
राजस्थान की मौजूदा स्थिति पर चिंता जाहिर करते हुए पायलट ने कहा कि अतिवृष्टि से प्रभावित लोगों को तुरंत राहत और मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पौने दो साल बीत जाने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं और अफसरशाही हावी है।
“संघर्ष कांग्रेस की पहचान”
सचिन पायलट ने कहा कि संघर्ष कांग्रेस की पहचान है और पार्टी हर हाल में जनता के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि “सवा तीन साल बाद कांग्रेस प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी।”
“36 कौमों का आशीर्वाद कांग्रेस के साथ”
पायलट ने सभा में कहा, “आज 36 कौम के लोगों ने आशीर्वाद दिया है। कांग्रेस जनता के भरोसे के साथ काम करती है और जनता की ताकत से ही आने वाले चुनावों में सफलता मिलेगी।” उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस सेवा और संघर्ष की राजनीति करती है, जबकि मौजूदा सरकार अफसरशाही और लापरवाही में उलझी हुई है। अंत में पायलट ने स्पष्ट किया कि वे यहां किसी राजनीतिक तस्वीर को बनाने या तोड़ने नहीं आए हैं, बल्कि सांवलिया सेठ के दरबार में धोग लगाने और आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।






