जयपुर। राजस्थान सरकार ने जन आधार कार्ड धारकों के लिए नए नियम लागू करने का फैसला किया है। आयोजना विभाग और राजस्थान जन आधार प्राधिकरण द्वारा जारी नए परिपत्र के अनुसार अब जन आधार में जानकारी अपडेट कराने पर सीमा और शुल्क दोनों लागू होंगे। यह नई व्यवस्था 1 जून 2026 से पूरे राज्य में प्रभावी हो जाएगी। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ाना और बार-बार या फर्जी संशोधनों पर रोक लगाना है। नए नियम लागू होने के बाद अब नागरिक अपनी इच्छा अनुसार अनगिनत बार डेटा अपडेट नहीं कर सकेंगे।
व्यक्तिगत जानकारी में केवल दो बार संशोधन की अनुमति
नई गाइडलाइन के मुताबिक पिता का नाम, माता का नाम, वैवाहिक स्थिति, जीवनसाथी का नाम और अल्पसंख्यक श्रेणी जैसी व्यक्तिगत जानकारियों में अधिकतम दो बार ही बदलाव किया जा सकेगा। पहला संशोधन पूरी तरह निशुल्क रहेगा। दूसरी बार अपडेट कराने पर 15 रुपए शुल्क देना होगा। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे जानकारी दर्ज करते समय विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि गलत सूचना सुधारने की सीमा अब तय कर दी गई है।
शिक्षा, आय और बैंक विवरण अपडेट पर भी सीमा
शिक्षा और आय संबंधी जानकारी में एक वित्तीय वर्ष के दौरान केवल दो बार ही संशोधन किया जा सकेगा। पहली बार अपडेट निशुल्क रहेगा। दूसरी बार संशोधन पर 25 रुपए शुल्क लगेगा। वहीं बैंक खाते से जुड़ी जानकारी में बदलाव के लिए भी वित्तीय वर्ष में दो बार की सीमा तय की गई है। दूसरी बार बैंक विवरण बदलने पर 40 रुपए शुल्क देना होगा।
परिवार विभाजन और मुखिया परिवर्तन पर भी शुल्क
परिवार विभाजन, परिवार के मुखिया में बदलाव और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के लिए अधिकतम पांच बार की सीमा तय की गई है। पहली बार सेवा निशुल्क रहेगी। इसके बाद प्रत्येक संशोधन पर 25 रुपए शुल्क देना होगा।
कुछ सेवाएं रहेंगी पूरी तरह मुफ्त
राजस्थान जन आधार प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि कुछ जरूरी सेवाओं पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इनमें शामिल हैं: नया जन आधार नामांकन, नए सदस्य को जोड़ना, मृत्यु के कारण सदस्य का नाम हटाना, ई-जन आधार डाउनलोड करना इन सेवाओं पर न तो कोई सीमा लागू होगी और न ही कोई शुल्क लिया जाएगा। प्राधिकरण ने यह भी साफ किया है कि यदि कोई नागरिक स्वयं अपनी SSO ID के माध्यम से जन आधार में बदलाव करता है, तब भी उसे निर्धारित शुल्क और अपडेट सीमा का पालन करना होगा।
पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित होंगे और बार-बार होने वाले बदलावों से सिस्टम पर पड़ने वाला दबाव कम होगा। साथ ही इससे फर्जी दस्तावेजों और गलत सूचनाओं के जरिए लाभ लेने की कोशिशों पर भी रोक लग सकेगी। राज्य के करोड़ों जन आधार धारकों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों को अब जन आधार में जानकारी दर्ज करते समय अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








