Karnataka MLC Election: कांग्रेस की बड़ी जीत से BJP-JDS में हलचल, क्रॉस वोटिंग पर एक्शन की तैयारी

कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। सात सीटों के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पांच सीटों पर कब्जा जमाया, जबकि भाजपा को केवल दो सीटों से संतोष करना पड़ा। चुनाव परिणामों के बाद भाजपा और उसके सहयोगी दल जेडी(एस) के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर असहजता बढ़ गई है। पार्टी नेतृत्व अब उन विधायकों की पहचान करने में जुट गया है जिन्होंने कथित तौर पर पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया।

कांग्रेस की रणनीति सफल, विपक्षी खेमे में बढ़ी बेचैनी

विधान परिषद की सात सीटों के लिए कुल आठ उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना के बाद कांग्रेस ने पांच उम्मीदवारों को विजयी बनाकर अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया। वहीं भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया। परिणामों ने यह संकेत दिया कि विपक्षी खेमे के कुछ वोट कांग्रेस के पक्ष में गए, जिससे क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज हो गईं।

भाजपा ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत

चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने नाराजगी जाहिर की है। वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने कहा कि पार्टी के साथ विश्वासघात करने वालों की पहचान की जाएगी और उनके खिलाफ संगठनात्मक स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी के हितों के खिलाफ जाकर मतदान करने वाले नेताओं को जवाब देना होगा और भाजपा इस मामले को गंभीरता से ले रही है।

प्रदेश अध्यक्ष बोले- पहले होगी जांच

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष B. Y. Vijayendra ने भी क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी पूरे मामले की समीक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि किस विधायक ने पार्टी लाइन से अलग मतदान किया और उसके पीछे क्या कारण थे, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। तथ्य सामने आने के बाद संगठन उचित निर्णय लेगा।

अतिरिक्त वोटों ने बढ़ाया संदेह

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को चुनाव में 151 वोट मिले, जबकि उसके पास लगभग 140 वोटों का ही अनुमानित समर्थन था। ऐसे में अतिरिक्त 11 वोटों ने क्रॉस वोटिंग की अटकलों को और मजबूत कर दिया है। बताया जा रहा है कि भाजपा के करीब तीन और जेडी(एस) के आठ विधायकों ने कथित रूप से कांग्रेस उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान किया। वहीं भाजपा के एक विधायक का वोट अमान्य घोषित होने की भी जानकारी सामने आई है।

कौन जीता, कौन हारा?

कांग्रेस की ओर से थिप्पन्नप्पा कमकनूर, पी.वी. मोहन, बी.के. हरिप्रसाद, बी.एस. शिवन्ना और विनय कार्तिक प्रकाश ने जीत दर्ज की। दूसरी ओर भाजपा के लिंगराज पाटिल और रघु आर चुनाव जीतने में सफल रहे। सबसे बड़ा झटका जेडी(एस) को लगा, जिसके एकमात्र उम्मीदवार गोविंदराजू चुनावी मुकाबले में हार गए।

गठबंधन की एकता पर उठे सवाल

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव परिणाम केवल सीटों का गणित नहीं बल्कि भाजपा-जेडी(एस) गठबंधन के भीतर मौजूद असंतोष का भी संकेत दे रहे हैं। यदि क्रॉस वोटिंग के आरोप सही साबित होते हैं तो आने वाले दिनों में दोनों दलों के अंदर अनुशासनात्मक कार्रवाई और राजनीतिक खींचतान देखने को मिल सकती है। कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य की राजनीति में कांग्रेस फिलहाल मजबूत स्थिति में नजर आ रही है, जबकि भाजपा और जेडी(एस) को अपने संगठनात्मक ढांचे और विधायकों की एकजुटता पर नए सिरे से काम करना होगा।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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