कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: DA में 2% बढ़ोतरी को कैबिनेट की मंजूरी, 60% हुआ महंगाई भत्ता; 3 महीने का एरियर भी मिलेगा

देश के करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए शनिवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया। लंबे इंतजार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्रीय कैबिनेट ने महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 2% की बढ़ोतरी के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इस फैसले के साथ ही अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% के जादुई आंकड़े पर पहुँच गया है, जिससे उनकी मासिक सैलरी और पेंशन में उल्लेखनीय इजाफा होगा।

1.19 करोड़ लोगों के घर आएगी खुशहाली

सरकार के इस फैसले का सीधा असर देश के 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स की जेब पर पड़ेगा। पिछले काफी समय से कर्मचारी संगठन इस बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे और देरी को लेकर नाराजगी भी जताई जा रही थी। अब कैबिनेट की मुहर लगने के बाद कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई है।

3 महीने का मोटा ‘एरियर’ अप्रैल में होगा क्रेडिट

कैबिनेट ने इस बढ़ोतरी को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को पिछले तीन महीनों (जनवरी, फरवरी और मार्च) का बकाया पैसा यानी एरियर (Arrear) एक साथ मिलेगा। अप्रैल महीने की सैलरी और पेंशन में इस एरियर को जोड़कर भुगतान किया जाएगा, जिससे उनके बैंक खातों में एकमुश्त बड़ी रकम क्रेडिट होगी।

DA का गणित: अब कितनी बढ़ेगी सैलरी?

केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन का निर्धारण उनकी बेसिक सैलरी के आधार पर होता है।

  • पुराना DA: बेसिक सैलरी का 58%

  • नया DA: बेसिक सैलरी का 60%

  • बदलाव: 2% की सीधी वृद्धि।

उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30,000 रुपये है, तो उसे अब तक 17,400 रुपये DA मिल रहा था, जो अब बढ़कर 18,000 रुपये हो जाएगा। इसी तरह पेंशनर्स को भी उनकी मूल पेंशन का 60% हिस्सा महंगाई राहत (DR) के रूप में मिलेगा।

कैसे तय होती है DA की दर?

महंगाई भत्ता (DA) पूरी तरह से AICPI-IW (औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के आंकड़ों पर निर्भर करता है, जिसे श्रम ब्यूरो द्वारा हर महीने जारी किया जाता है। जनवरी 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण के बाद विशेषज्ञों ने पहले ही 2% बढ़ोतरी की संभावना जताई थी। हालांकि, कुछ वर्गों को 3% की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने राजकोषीय स्थिति को देखते हुए 2% पर मुहर लगाई है। साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) होने वाली इस समीक्षा का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच सरकारी कर्मचारियों के जीवन स्तर को बनाए रखना है। अप्रैल के अंत में आने वाली सैलरी इस बार कर्मचारियों के लिए कई मायनों में खास होने वाली है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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