नई दिल्ली, 3 जुलाई। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत ऑनलाइन सेवाओं और क्लेम प्रक्रिया को अधिक तेज, पारदर्शी और आसान बनाने के लिए आधार, पैन और आधार से लिंक बैंक खाते की जानकारी देना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से पीएफ क्लेम के निपटान में लगने वाला समय कम होगा और सदस्यों को बेहतर डिजिटल सेवाएं मिलेंगी।
नई व्यवस्था के अनुसार, EPFO की विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने के लिए सदस्यों को अपने आधार, पैन और आधार से जुड़े बैंक खाते का विवरण अपडेट रखना होगा। इससे पहचान सत्यापन की प्रक्रिया आसान होगी और क्लेम का भुगतान सीधे बैंक खाते में तेजी से किया जा सकेगा।
कंपनियों के लिए भी लागू हुए नए अनुपालन नियम
EPFO ने नियोक्ताओं (Employers) के लिए भी कई नए अनुपालन नियम लागू किए हैं। अब विभिन्न रिटर्न और आवश्यक दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जमा करने होंगे। इसके अलावा कंपनियों को मालिकाना जानकारी, कॉन्ट्रैक्टर से जुड़े विवरण और Exempted PF Trusts से संबंधित जानकारी भी निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध करानी होगी। नए नियमों के तहत आवश्यक रिटर्न 15 दिनों के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा।
जल्द मिलेगी UPI और WhatsApp की सुविधा
EPFO ने UPI के माध्यम से सीधे बैंक खाते में पीएफ निकासी (PF Withdrawal) की सुविधा का सफल ट्रायल पूरा कर लिया है। इसके साथ ही संगठन WhatsApp आधारित सेवाएं शुरू करने की तैयारी भी कर रहा है।
नई सुविधा शुरू होने के बाद सदस्य WhatsApp के जरिए अपना पीएफ बैलेंस देख सकेंगे, पिछले पांच ट्रांजैक्शन की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अपने क्लेम का स्टेटस भी आसानी से ट्रैक कर पाएंगे। EPFO का कहना है कि यह सेवा कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे देशभर के सदस्यों को इसका लाभ मिल सके।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।







