आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे घमासान और राघव चड्ढा सहित सात सांसदों के पाला बदलने पर अब ‘पुराने साथियों’ के तीखे बाण चलने शुरू हो गए हैं। ‘आप’ के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे मशहूर कवि कुमार विश्वास ने राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद एक ऐसा पोस्ट किया है, जिसने दिल्ली की सियासत में हलचल तेज कर दी है। कुमार ने महाभारत के संदर्भ वाली अपनी एक वीर रस की कविता के जरिए सीधे अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व पर सवाल खड़े किए हैं।
“शर का प्रखर हत लक्ष्य संचालन नहीं भूला”
कुमार विश्वास ने अपनी एक पुरानी कविता की पंक्तियों को री-पोस्ट करते हुए लिखा: “विदुर का भीष्म का पद अश्रु-प्रक्षालन नहीं भूला, कठिन-व्रत द्रोण-इंगित तपस्पथ-चालन नहीं भूला, कुटिल लाक्षागृहों के फेर में तूणीर टांगा हैं, मगर शर का प्रखर हत लक्ष्य संचालन नहीं भूला..!” इन पंक्तियों के जरिए कुमार विश्वास ने इशारों-इशारों में यह संदेश देने की कोशिश की है कि भले ही समय बदल गया हो और योद्धाओं ने अपने धनुष टांग दिए हों, लेकिन वे सही लक्ष्य पर निशाना साधना नहीं भूले हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे केजरीवाल के खिलाफ एक बड़ा ‘वार’ माना जा रहा है।
पुराने जख्म और तंज का कनेक्शन
कुमार विश्वास और अरविंद केजरीवाल के बीच की खटास किसी से छिपी नहीं है। एक समय था जब केजरीवाल, सिसोदिया और विश्वास की तिकड़ी पार्टी का चेहरा थी, लेकिन मतभेदों के चलते कुमार ने पार्टी से दूरी बना ली थी। अब जब राघव चड्ढा जैसा युवा और भरोसेमंद चेहरा पार्टी छोड़कर जा चुका है, तो कुमार विश्वास ने अपनी कविता के जरिए उन परिस्थितियों पर तंज कसा है, जो शायद नेताओं को पार्टी छोड़ने पर मजबूर करती हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
कुमार विश्वास के इस पोस्ट पर हजारों की संख्या में कमेंट्स आ रहे हैं।
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यूजर्स की राय: कई लोग लिख रहे हैं कि कुमार विश्वास ने सालों पहले जो भविष्यवाणी की थी, वह अब सच हो रही है।
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तुलना: सोशल मीडिया यूजर्स इस घटनाक्रम को ‘लाक्षागृह’ (षड्यंत्र का घर) से जोड़ रहे हैं, जिसका जिक्र कुमार की पंक्तियों में भी है।
राघव चड्ढा के बीजेपी में जाने से जहां ‘आप’ का सांगठनिक ढांचा चरमरा गया है, वहीं कुमार विश्वास जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों की टिप्पणियां पार्टी की साख पर और अधिक चोट कर रही हैं।
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








