राजस्थान में नगर निकाय चुनाव से पहले बड़ा ऐलान, टोंक के गांव में ग्रामीणों ने किया चुनाव बहिष्कार का फैसला

Tonk News: राजस्थान में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच सचिन पायलट के गढ़ टोंक में एक गांव के ग्रामीणों ने नगर परिषद चुनाव सहित आगामी सभी चुनावों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। ग्रामीणों का यह विरोध परिसीमन के दौरान गांव को नगर परिषद टोंक में शामिल किए जाने को लेकर है। मामला पंचायत समिति टोंक की पूर्व ग्राम पंचायत डारड़ा हिंद का है। परिसीमन के बाद डारड़ा हिंद को नगर परिषद टोंक में शामिल किया गया है। ग्रामीण इस फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं और उनकी मांग है कि गांव को नगर परिषद से हटाकर दोबारा ग्राम पंचायत में यथावत रखा जाए।

अधिकारियों को करना पड़ा ग्रामीणों के विरोध का सामना

रविवार को ग्रामीणों को समझाने के लिए टोंक की रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सीमा खेतान और तहसीलदार अजयपाल यादव डारड़ा हिंद पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और आगामी चुनाव में मतदान करने की अपील की। हालांकि ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक सरकार उनकी मांग स्वीकार नहीं करती, तब तक चुनाव बहिष्कार का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध जताया। काफी समझाइश के बावजूद सहमति नहीं बनने पर अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा।

नगर परिषद में शामिल करने का ग्रामीण कर रहे विरोध

ग्रामीणों का कहना है कि डारड़ा हिंद कृषि प्रधान गांव है और यहां के लोगों की आजीविका मुख्य रूप से खेती पर निर्भर है। उनका आरोप है कि परिसीमन के बाद गांव की समस्याओं की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। गांव में सफाई व्यवस्था खराब है और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों को आशंका है कि नगर परिषद में शामिल होने के बाद गांव की मूलभूत सुविधाओं और कृषि आधारित व्यवस्था पर और अधिक असर पड़ सकता है। इसी वजह से ग्रामीण गांव को वापस ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग कर रहे हैं।

‘जब टोंक शहर का विकास नहीं हो रहा तो गांव का क्या होगा’

ग्रामीण शिवजीराम चौधरी, रामेश्वर प्रसाद, रामनिवास सहित अन्य ग्रामीणों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि टोंक शहर में ही सड़क और सफाई जैसी समस्याएं बनी हुई हैं। ऐसे में नगर परिषद में शामिल होने के बाद डारड़ा हिंद के विकास की उम्मीद करना मुश्किल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी मांग को लेकर सरकार, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को पहले ही अवगत करा दिया है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी के चलते उन्होंने चुनाव बहिष्कार का फैसला लिया है।

वार्ड नंबर 2 में शामिल किया गया है गांव

परिसीमन के अनुसार डारड़ा हिंद को नगर परिषद टोंक के वार्ड नंबर 2 में शामिल किया गया है। इस वार्ड में पार्षद पद के लिए 11 सितंबर को मतदान प्रस्तावित है। नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया के तहत नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख सोमवार को थी। ग्रामीणों के अनुसार, डारड़ा हिंद वार्ड से अभी तक किसी उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पर सरकार कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक वे चुनाव प्रक्रिया से दूरी बनाए रखेंगे। अब देखना होगा कि ग्रामीणों के चुनाव बहिष्कार के ऐलान के बाद प्रशासन और राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या डारड़ा हिंद को नगर परिषद से वापस ग्राम पंचायत में शामिल करने की मांग पर कोई निर्णय लिया जाता है।

manoj Gurjar
Author: manoj Gurjar

मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।

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