पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले मतदाता सूची विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान लाखों मतदाताओं के नाम कटने और 34 लाख से अधिक अपीलों के लंबित होने के मामले में कोर्ट ने अपनी विशेष शक्ति अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए हस्तक्षेप किया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मताधिकार केवल संवैधानिक नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अधिकार भी है और किसी भी पात्र नागरिक को इससे वंचित नहीं किया जा सकता।
ट्रिब्यूनल से हरी झंडी मिली तो ‘सप्लीमेंट्री लिस्ट’ में जुड़ेगा नाम
सुप्रीम कोर्ट ने लंबित अपीलों के निपटारे के लिए सख्त समय सीमा (Deadlines) तय कर दी है, ताकि मतदाता पहले और दूसरे चरण में वोट डाल सकें:
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पहले चरण के लिए: 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए 19 स्पेशल अपीलेट ट्रिब्यूनल 21 अप्रैल तक सभी लंबित अपीलों पर फैसला सुनाएंगे।
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दूसरे चरण के लिए: 29 अप्रैल के मतदान हेतु 27 अप्रैल तक निर्णयों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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नया निर्देश: कोर्ट ने चुनाव आयोग को आदेश दिया है कि जिन मतदाताओं को ट्रिब्यूनल से ‘क्लीन चिट’ मिलती है, उनके नाम तत्काल सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट में शामिल कर सार्वजनिक किए जाएं।
ममता बनर्जी ने बताया ‘लोकतंत्र की जीत’
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट के इस कदम का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका के इस फैसले से बंगाल की जनता का मान बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने टीएमसी (TMC) कार्यकर्ताओं से अपील की है कि जैसे ही सप्लीमेंट्री सूची जारी हो, वे तुरंत सक्रिय होकर घर-घर मतदाता पर्चियां (Voter Slips) पहुँचाएँ। ममता ने इसे लोकतंत्र की जीत बताते हुए कहा कि अब कोई भी पात्र व्यक्ति अपने अधिकार से वंचित नहीं रहेगा।
क्या था SIR विवाद?
पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के दौरान लगभग 60 लाख से अधिक आपत्तियां दर्ज की गई थीं। इसके बाद 34 लाख से अधिक अपीलें लंबित रह गईं, जिससे लाखों लोगों के वोटिंग अधिकार पर खतरा मंडराने लगा था। विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही इस मुद्दे पर आमने-सामने थे, जिसे अब सुप्रीम कोर्ट ने सुलझा दिया है।
बंगाल चुनाव 2026: एक नज़र में
| चरण | सीटों की संख्या | मतदान की तारीख |
| पहला चरण | 152 सीटें | 23 अप्रैल 2026 |
| दूसरा चरण | 142 सीटें | 29 अप्रैल 2026 |
| नतीजे | 294 सीटें | 04 मई 2026 |
Author: manoj Gurjar
मनोज गुर्जर पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं और खेल, राजनीति और तकनीक जैसे विषयों पर विशेष रूप से लेखन करते आ रहे हैं। इन्होंने देश-दुनिया की बड़ी घटनाओं को गहराई से कवर किया है और पाठकों तक तथ्यात्मक, त्वरित और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाने का काम किया है।








